मेरठ कॉलेज के छात्रों के दो गुटों में सोमवार शाम जागृति विहार स्थित कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) कार्यालय के पास फायरिंग हो गई। इस दौरान ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त विकास सौदाई बैठक ले रहे थे। शोरशराबा होने पर वे जब माजरा जानने खिड़की की तरफ मुड़े तो एक के बाद एक दो गोलियां शीशा तोड़ते हुए सरसराती हुईं उनके चेहरे के करीब से निकल गईं। आयुक्त और उनके अधीनस्थों ने ऑफिस से भागकर जान बचाई। एसएसपी के पीआरओ को सूचना देने के बाद भी मेडिकल थाना पुलिस वारदात के करीब 50 मिनट बाद मौके पर पहुंची। पुलिस ने उनके ऑफिस से एक खोखा बरामद किया है।
मेरठ कॉलेज के पूर्व छात्र विकास पंडित और मेरठ कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दुष्यंत तोमर के बीच छात्रसंघ चुनाव को लेकर विवाद चल रहा है। चुनाव में विकास पंडित महामंत्री पद पर प्रवीण तोमर का और दुष्यंत तोमर अभिनव त्यागी का समर्थन कर रहा था। पुलिस के अनुसार सोमवार शाम करीब पांच बजे विकास पंडित जागृति विहार में मिठाई खरीदने गया था। तभी दुष्यंत तोमर कुछ युवकों के साथ वहां पहुंचा।
दोनों पक्षों के बीच गालीगलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई। इस बीच एक पक्ष की तरफ से फायरिंग हुई। करीब ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन का कार्यालय भी है। वारदात के दौरान क्षेत्रीय आयुक्त विकास सौदाई अपने अधीनस्थों के साथ बैठक कर रहे थे। हंगामा और शोर मचने पर उन्होंने अपने अधीनस्थ से पूछा तो उन्हें बताया गया कि छात्रों में लड़ाई हो रही है।
माजरा जानने उठे, बाल-बाल बचे
शोर तेज होने पर क्षेत्रीय आयुक्त ने खुद ही माजरा जानने के लिए जब उठकर अपनी कुर्सी के पीछे की खिड़की का पर्दा उठाया तो एक गोली शीशे को चीरते हुए उनके बाएं हाथ और चेहरे के बीच से निकली और ऑफिस के कमरे की दीवार में जा टकराई। यह गोली आयुक्त के बाएं हाथ से छूकर भी निकली। विकास कुछ समझ पाते, दूसरे पल ही दूसरी गोली भी उनके करीब से होकर गुजरी। जिससे ऑफिस में अफरातफरी मच गई। आयुक्त अपने अधीनस्थों के साथ ऑफिस से बाहर भागे और अपनी जान बचाई।
कंट्रोल रूम पर बजती रही घंटी
आयुक्त ने बताया कि कंट्रोल रूम पर पहले तो फोन व्यस्त मिला। इसके बाद 20 मिनट तक उनकी कॉल रिसीव नहीं हुई। उन्होंने जब एसएसपी को कॉल की तो उनका सीयूजी नंबर पीआरओ ने रिसीव करते हुए कहा कि कप्तान साहब मीटिंग में हैं। पीआरओ ने कहा कि पुलिस मौके पर भेजी जा रही है।
50 मिनट बाद पहुंची पुलिस
पीआरओ को सूचना देने के बाद भी मेडिकल थाना पुलिस 50 मिनट की देरी से मौके पर पहुंची। विकास सौदाई ने हैरानी जताई कि एक सरकारी अधिकारी की सूचना के बाद भी पुलिस का लापरवाह रवैया रहा। जिसके कारण पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो गए।