फरेब और ड्रग्स से छात्राओं की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले घिनौने गिरोह की एक और करतूत का बृहस्पतिवार को खुलासा हुआ। गिरोह का भंडाफोड़ होने पर एक और पीड़ित परिवार एसएसपी के सामने पहुंचा। बताया कि इसी गिरोह ने उनके बेटे को ड्रग्स का आदी बनाकर उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी है। वह एक माह से अपने बेटे का इलाज करा रहे हैं। पीड़ित परिवार की तहरीर पर मेडिकल थाने में दूसरा मुकदमा दर्ज हुआ है।
ड्रग्स स्कैंडल का भंडाफोड़ होने पर बृहस्पतिवार को शास्त्रीनगर क्षेत्र निवासी एक हिंदू संगठन पदाधिकारी एसएसपी आवास पहुंचे। उन्होंने बताया कि शास्त्रीनगर में नाबालिग छात्राओं की जिंदगी से खेलने वाले इस गिरोह ने उनके बेटे को भी निशाना बनाया है। करीब तीन महीने पहले बेटा इस गिरोह के जाल में फंसा था। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरोह ने उनके बेटे को ड्रग्स और नशीले पदार्थ का आदी बना दिया। उसकी हालत गंभीर होने पर डॉक्टर को दिखाया गया, तब उन्हें इस बात की जानकारी मिली। एक महीने से उनका बेटा स्कूल नहीं गया है।
उसका घर पर ही इलाज चल रहा है। एसएसपी डीसी दूबे ने इस मामले में एसओ मेडिकल को तत्काल केस दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए। एसओ मेडिकल बचन सिंह सिरोही ने बताया कि पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस जांच कर रही है।
पेस्ट्री में खिलाते थे ड्रग्स
पीड़ित छात्र के पिता ने बताया कि आरोपी अपने गिरोह को बड़ा करने के लिए नाबालिग बच्चों को भी ड्रग्स की लत लगाते थे। उनके बेटे को भी आरोपियों ने पेस्ट्री में ड्रग्स दिया था। इसके अलावा अलग-अलग तरीकों से ड्रग्स और नशीला पदार्थ देकर नाबालिग छात्रों को अपने साथ जोड़ते थे। अधिकारी की बेटी को भी आरोपियों ने पेस्ट्री में ही ड्रग्स दिया था। अधिकारी ने तहरीर में इसका जिक्र किया है।