पत्नी मृदुला और बेटी वरन्या की मौत के बाद बृहस्पतिवार को शेयर ब्रोकर पति पंकज चौहान की भी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
अब पुलिस भले कुछ कहे, लेकिन पंकज की मौत के साथ ही तीन मौतों का राज दफन हो गया है। ऐसी स्थिति में मृदुला के परिजन भी कोई कार्रवाई कराने की स्थिति में नहीं हैं। उधर, देर रात पंकज का शव जागृति विहार पहुंचा तो परिजन बिलख पड़े।
गौरतलब है कि, जागृति विहार निवासी शेयर ब्रोकर पंकज चौहान की पत्नी मृदुला और बेटी का शव विगत मंगलवार सुबह रुद्रपुर के होटल रिवेरा के कमरा नंबर 201 से बरामद हुआ था। जबकि खुद पंकज बाथरूम में अचेत अवस्था में मिला था।
पुलिस ने पंकज को अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां बृहस्पतिवार तड़के पंकज ने दम तोड़ दिया।
n कई सवाल बने चुनौती ः पंकज के साथ मृदुला भी शेयर का काम देखती थी। पंकज ने लैपटॉप से परिजनों को भेजे ई मेलों में व्यापार में घाटे और कुछ लोगों पर दबाव डालने की वजह से यह कदम उठाने की बात लिखी थी।
लेनदारों के दबाव और कारोबार के घाटे से दंपति तनाव में था। लेकिन पुलिस के लिए यह सवाल चुनौती बना हुआ है कि 72 घंटे पहले मां-बेटी की मौत के बाद पंकज ने मंगलवार सुबह जहर क्यों खाया।
इसके पीछे क्या वजह थी। इसके पीछे भी पुलिस किसी साजिश को मान रही है। बड़ा सवाल है कि आखिर पत्नी और बेटी की मौत के 72 घंटे तक पंकज क्या करता रहा। अगर पत्नी और बेटी के साथ मरने की पंकज ने ठानी थी तो फिर वह पीछे क्यों हटा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तहत पत्नी और बेटी की मौत 72 घंटे पहले हो गई थी तो 2 नवंबर की रात पंकज ने किसके लिए खाना ऑर्डर किया। यह भी अभी तक केवल अनुमान ही है कि व्यापार में घाटे के चलते पंकज और उसकी पत्नी ने यह कदम उठाया।
पंकज पर टिकी थी पुलिस की नजर
बुधवार तक पुलिस की नजरें हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती रहे पंकज पर टिकी थीं, लेकिन पुलिस का सामना होने से पहले ही पंकज की बृहस्पतिवार तड़के मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात की गहराई केवल पंकज ही जानता था।
लेकिन पंकज की मौत के बाद यह राज और गहरा गया है। एसएसपी केवल खुराना बताते हैं कि सभी चीजें पंकज पर टिकी थीं। अब उसकी भी मौत हो चुकी है। फिलहाल, एक टीम पूरे घटनाक्रम के कारणों का पता लगाने मेरठ भेजी गई है।
कस सकता है शिकंजा
रुद्रपुर। पंकज के साथ मृदुला ने भी परिचितों को भेजे ई-मेल में कुछ लोगों पर दबाव डालने का आरोप लगाया था। उसने परिवार की समाप्ति के लिए इन लोगों को दोषी ठहराया था। सीओ बीएस चौहान कहते हैं कि अंदेशा यह है कि जिन लोगों से कर्जा लिया होगा, वही तकादे के लिए दबाव डाले रहे होंगे।
फिलहाल अगर कोई तहरीर देगा तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। घटनाक्रम कैसे हुआ, क्या कारण थे, इसकी जांच तो की ही जाएगी।
किस पर कराएं कार्रवाई
मृदुला के भाई योगेश का कहना है कि हमारे साथ जो घटना घटी है, उससे पूरा परिवार सदमे में है। हमें समझ में नहीं आ रहा है यह सब अचानक क्या हो गया। योगेश का कहना है कि अब तो पंकज की भी मौत हो गई।
अब वह किस पर कार्रवाई कराएं और किसके खिलाफ शिकायत करें। योगेश ने पूरी घटना में किसी और की साजिश करने से इंकार किया।