एसटीएफ ने कुख्यात ऊधम सिंह के इशारे पर रंगदारी और हत्या करने वाले शॉर्प शूटर सुनील भगत को रोहटा थाना अंतर्गत रासना तिराहे के पास दबोच लिया। उसके पास से एक पिस्टल, कार और कारतूस बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ के अनुसार ऊधम के इशारेे पर उसका शॉर्प शूटर सुनील भगत निवासी करनावल न सिर्फ रंगदारी मांगता था, बल्कि हत्याएं भी करता था। सुनील रंगदारी और हत्या के कई मामलों में वांछित चल रहा है। हाल ही में ऊधम के इशारे में सिंघल नाम के व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में भी सुनील नाम आया था।
एसटीएफ को काफी समय से सुनील की तलाश थी।
सर्विलांस के माध्यम से एसटीएफ को जानकारी मिली कि सुनील भगत शुक्रवार को रासना तिराहा के पास रंगदारी वसूलने आएगा। सूचना पर एसटीएफ ने अपना जाल बिछा दिया था। एसटीएफ के अनुसार ऊधम के साथ सुनील ने 31 अक्तूबर 2011 को कुख्यात योगेश भदौड़ा के भाई प्रमोद भदौड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इसके बाद से सुनील चर्चा में आया था। सुनील को पुलिस ने विगत दो जुलाई को जेल भेजा था। कुछ दिन पहले ही वह जेल से छूटकर आया था।
रंगदारी वसूलने में जुटा है ऊधम
मेरठ/बिजनौर। कुख्यात ऊधम सिंह लखनऊ जेल से भी अपना गैंग चला रहा है। बिजनौर में एक महिला ऊधम के गैंग को चला रही है। ऊधम के लगातार रंगदारी मांगने पर पांच सितंबर को ऊधम को बिजनौर से लखनऊ जेल शिफ्ट कर दिया गया। वहां से भी उसकी रंगदारी का खेल नहीं रुका।
सूत्रों के मुताबिक बिजनौर के दो बड़े लोगों ने ऊधम सिंह से जान बचाने के लिए ऊधम की मां का सहारा लेना पड़ा। मां के कहने पर दोनों लोगों ने ऊधम को 30 लाख की रंगदारी दी। दो दिन पहले ही यह रंगदारी ऊधम सिंह के पास जेल में पहुंचाई गई है।