लंदन यूनिवर्सिटी से पढ़े सॉफ्टवेयर इंजीनियर और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी के बेटे ने जल्द अमीर बनने के लालच में अपने ही 13 वर्षीय चचेरे भाई अतिशय जैन का अपहरण कर डाला था। दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई, लेकिन डील 23 लाख रुपये पर आकर तय हुई। अपहरण के नौ दिन बाद परिजन रकम लेकर बेटे को छुड़ाने गुड़गांव पहुंचे तो अपहरणकर्ता फिरौती की रकम लेकर फरार हो गए। एसपी सिटी के साथ लगी क्राइम ब्रांच की पांच टीमों ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को मेरठ से गिरफ्तार कर अतिशय को सकुशल बरामद करने में सफलता पा ली।
रविवार को ग्रेटर नोएडा में डीजीपी जावीद अहमद ने प्रेसवार्ता कर इस सनसनीखेज अपहरण कांड का खुलासा किया। डीजीपी ने बताया कि पंजाबीपुरा, मेरठ निवासी जीजी फार्म हाउस के मालिक मयंक जैन का पुत्र अतिशय शताब्दी नगर स्थित द अध्ययन स्कूल में कक्षा छह का छात्र है। 19 फरवरी की सुबह अतिशय स्कूल बस पकड़ने के लिए दिल्ली रोड स्थित शारदा पैलेस के पास खड़ा था। इस दौरान उसके रिश्ते के चचेरे भाई राजस्थान निवासी प्रतीक (लंदन यूनिवर्सिटी से पढ़े सॉफ्टवेयर डेवलपर) ने अपने मौसेरे भाई तुषार (साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट) के अलावा दोस्तों मोनू और राहुल की मदद से उसका अपहरण कर लिया था। ये अपहरणकर्ता उसे लेकर गुड़गांव सेक्टर-82 स्थित अपने किराए के आवास पर ले गए। यहां प्रतीक जैन की लिव-इन पार्टनर आस्था विश्वास की निगरानी में अतिशय को बंधक बनाकर रखा गया।
तीन दिन बाद मांगी दो करोड़ की फिरौती
अतिशय के संदिग्ध हालात में लापता होने के बाद से परिजनों में हड़कंप मचा था। इस बीच 22 फरवरी को अतिशय के परिजनों से मोबाइल फोन पर दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। दो दिन तक अतिशय के परिजनों एवं अपहरणकर्ताओं के बीच फिरौती की रकम कम करने को लेकर मशक्कत होती रही। जिसके बाद 23 लाख रुपये पर सहमति बनी। 23 और 24 फरवरी की रात गाजियाबाद के वैशाली, कनॉट पैलेस दिल्ली और 24 व 25 फरवरी की रात डीएलएफ गुड़गांव पर आकर रकम देने की बात हुई, लेकिन कोई अपहरणकर्ता नहीं पहुंचा। पुलिस को जानकारी मिली कि दिल्ली-जयपुर हाइवे पर फिरौती दी जानी है। जिसके बाद एसएसपी डीसी दूबे ने एसपी सिटी ओपी सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की पांच टीमें लगाईं।
आखिरकार दबोचे गए किडनैपर
27 फरवरी की देर रात अतिशय के परिजन फिरौती की रकम लेकर तय स्थान पर पहुंचे लेकिन अपहरणकर्ता रकम लेकर फरार हो गए। लगातार पीछे लगी पुलिस टीमों ने अपहरणकर्ताओं का पीछा किया। जिसके बाद आरोपियों को मेरठ में दिल्ली-देहरादून हाईवे स्थित वेदव्यास पुरी एरिया में घेराबंदी कर दबोचते हुए अतिशय को सकुशल बरामद कर लिया गया। बाकी अपहरणकर्ताओं की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
ये हुए गिरफ्तार
- प्रतीक जैन उर्फ मोनू पुत्र संजय जैन निवासी जवाहर नगर जयपुर, राजस्थान, हाल निवासी इंडिया नेक्स्ट सेक्टर-82 गुड़गांव हरियाणा (मुख्य अपहरणकर्ता)
- तुषार जैन उर्फ नीशू पुत्र नरेंद्र जैन निवासी 70 हनी गोल्फ कॉलोनी थाना मेडिकल, हाल पता 31 प्रथम तल वाटिका इंडिया नेक्स्ट सेक्टर-82 गुड़गांव (प्रतीक का मौसेरा भाई)
- आस्था विश्वास पुत्री स्व. संजय विश्वास निवासी कमालपुर थाना धान तला कोलकाता पश्चिम बंगाल, हाल निवासी इंडिया नेक्स्ट सेक्टर- 82 गुड़गांव (प्रतीक की लिव-इन पार्टनर)
फरार आरोपी
- राहुल और मोनू निवासी थाना मेडिकल क्षेत्र, मेरठ (प्रतीक के दोस्त)
ये हुई बरामदगी
अपहृत छात्र अतिशय जैन के अलावा पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने फिरौती में वसूले गए 23 लाख रुपये, दो तमंचे, कारतूस, आई-10 कार (यूपी-12 डब्लू 3273), नायलॉन की रस्सी, कपड़े और टेप बरामद की है। पुलिस ने बताया कि कार का मालिक तुषार है।