दरोगा पर हमले के मामले में हुई गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है। सपा नेत्री को थाने से बेल और उसके बेटे को जेल भेजने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि पुलिस का एक और कारनामा उजागर हो गया है। पुलिस ने रातोंरात विकास नाम के एक अन्य युवक को पकड़ा और उसे इस मामले में जेल भेज दिया।
लेकिन, चंद घंटों में विकास (राजपूत) नाम के ही असली आरोपी द्वारा कोर्ट में सरेंडर का प्रार्थनापत्र लगाने से पुलिस के इस खेल का खुलासा हो गया। इसके बाद पुलिस ने अपनी गलती पर पर्दा डालने के लिये इस मामले में विकास नाम के तीन आरोपियों को नामजद कर लिया है। उधर, पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के नाम भी उजागर कर दिये हैं, जिनमें दो भाजपा पार्षद राजीव गुप्ता काले और तरुण गोयल भी शामिल हैं।
टीपी नगर थाने पर सोमवार रात हुए सपाइयों के हमले में दरोगा सर्वेश यादव की टांग टूटने का मामला लखनऊ तक पहुंच चुका है। इस प्रकरण में समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष संगीता राहुल, उनका बेटा नितिन राहुल और उसका दोस्त विकास राजपूत पुत्र अशोक राजपूत निवासी गुप्ता कॉलोनी टीपीनगर नामजद हुये थे। इस मामले में पुलिस ने मंगलवार को सपा नेत्री को थाने से बेल और उनके बेटे को जेल भेज दिया था। यही नहीं, पुलिस ने नितिन और विकास की गिरफ्तारी होने की भी पुष्टि मीडिया के सामने की थी। जबकि, आरोपी विकास पुलिस कस्टडी से भाग गया था।
अफसर बदलते रहे बयानः पुलिस पहले दिन से अफसर अपने बयान बदलते रहे। सोमवार को पुलिस अफसरों ने नितिन और विकास की गिरफ्तारी बताई। मंगलवार को शिर्फ नितिन को जेल भेजा, इस पर अफसरों ने बयान दिया कि विकास का दाखिला लेट हुआ था। इसके चलते उसे जेल नहीं भेजा। बुधवार को औरंगाबाद निवासी विकास को जेल भेजा तो अफसरों ने बयान दिया कि अज्ञात युवकों की जांच में विकास का नाम उजागर हुआ है।
पुलिस पर खेल करने का आरोपः सपा नेत्री संगीता राहुल का आरोप है कि बुधवार को विकास नाम के जिस युवक पुलिस ने जेल भेजा है, उसका इस प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस अपनी गर्दन बचाने के चक्कर में ऐसा कर रही है। जांच में खेल सामने आएगा।
कचहरी में फूट-फूटकर रोया विकासः विकास पुत्र सुभाष निवासी औरंगाबाद भावनपुर को पुलिस ने एसीजेएम कोर्ट संख्या-8 के सामने पेश किया। कोर्ट के बाहर निकले विकास ने रोते हुए कहा कि उसे इस मामले की जानकारी तक नहीं है। आरोप लगाया कि उसका नाम विकास होने के कारण पुलिस उसे फंसा रही है। कोर्ट ने विकास को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। दूसरी तरफ, पुलिस के खेल से अनभिज्ञ मुख्य आरोपी विकास राजपूत पुत्र अनिल निवासी गुप्ता कॉलोनी ने भी कोर्ट में सरेंडर के लिये अर्जी लगा दी। कोर्ट ने उसके आवेदन को स्वीकार करते हुए पुलिस से रिपोर्ट मांग ली और सुनवाई के लिए 27 फरवरी की तारीख दे दी।