कांशी गांव से अपहृत युवती के घर में बुधवार तड़के आग लग गई। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी का अपहरण करने वालों के परिजनों ने घर में आग लगाकर पूरे परिवार को खत्म करने की कोशिश की है। मामले में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण गांव में तनाव की स्थिति है।
पीड़ितों ने बताया कि बुधवार तड़के करीब पौने चार बजे उनके घर में लगी। आनन फानन में उन्होंने घर से बाहर भागकर जान बचाई। इसके बाद लोगों ने मिलकर आग पर काबू पाया। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि गांव के नूर अहमद, अफसार, अकील और नूरी ने उनके घर में ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाई है। इनमें अकील पूर्व पार्षद है। चारों व्यक्ति उनकी बेटी का अपहरण करने वाले युवकों के परिजन और रिश्तेदार हैं।
उक्त लोग उनपर अपहरण का केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। 17 फरवरी को उन्होंने केस वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी, जिसकी उन्होंने परतापुर थाने में शिकायत भी की थी। केस वापस नहीं लेने पर उन्होंने उनके घर में आग लगाकर परिवार को जान से मारने की कोशिश की है। तहरीर के आधार पर परतापुर थाने में उक्त चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। वहीं घटना के बाद फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। टीम ने जली हुई वस्तुओं के कुछ नमूने भी लिए। इसकी जांच रिपोर्ट के बाद ही मकान में आग के कारणों का पता चलेगा।
ये था मामला
23 जनवरी को काशी गांव की एक युवती का मोदीनगर से अपहरण हो गया था। परिजनों ने मोदीनगर थाने में गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मोदीनगर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन एक आरोपी अभी तक पुलिस पकड़ से दूर है। युवती भी बरामद नहीं हो सकी है।