मेरठ के एक डॉक्टर से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस का कहना है कि यह धमकी भरी कॉल मुजफ्फरनगर जेल से आई है। जांच में इसके पीछे मुजफ्फरनगर दंगे के दो आरोपी और वेस्ट यूपी के एक बड़े बदमाश का नाम सामने आ रहा है। डॉक्टर ने स्थानीय सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। मेरठ पुलिस मुजफ्फरनगर जेल में जाकर आरोपियों की जानकारी जुटा चुकी है।
पुलिस के अनुसार सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एनएएस इंटर कॉलेज के सामने डॉ. रोहित सिंह का ईएनटी क्लीनिक है। डॉ. सिंह के मोबाइल फोन पर कॉल कर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। रकम न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में डॉक्टर ने सिविल लाइन थाने में तीन दिन पूर्व रिपोर्ट दर्ज करायी। जिसकी विवेचना दरोगा विशंभर दयाल गंगवार कर रहे हैं।
विवेचक गंगवार के अनुसार जिस नंबर से डॉक्टर को रंगदारी की कॉल आई, उसकी सर्विलांस से जांच कराई गई तो इस मोबाइल नंबर की लोकेशन मुजफ्फरनगर जेल की मिली। मुजफ्फरनगर जेल में जाकर तहकीकात की गई तो पता चला कि रंगदारी मांगने वाले आरोपी सतपाल उर्फ सत्तू और अंकुर हैं, जोकि मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी है। इनमें सत्तू बड़ा बदमाश बताया गया। जिस पहले भी कई संगीन आपराधिक केस दर्ज बताए गए।
जेल से फोन, दहशत में लोग
जेल से जरायम का नेटवर्क चल रहा है। हत्या, रंगदारी और अपहरण का सिलसिला लगातार सामने आने के बावजूद भी पुलिस प्रशासन गंभीर नहीं है। कुख्यात योगेश भदौड़ा, ऊधम सिंह समेत कई अपराधी सरेआम जेल से फोन करते है। जिसमें कई लोगों पर हमले तक हो चुके हैं। इसका खुलासा भी पुलिस अफसर कर चुके हैं। बड़ा सवाल है कि जरायम का यह नेटवर्क किसके इशारे पर चल रहा है। पुलिस और जेल प्रशासन कई बार सवालों में घिर चुका है, लेकिन हर बार जांच की बात कहकर मामला टाल दिया जाता है।
आरोपियों का बनेगा बी वारंट
डॉक्टर से रंगदारी मांगने वाले आरोपी मुजफ्फरनगर जेल में बंद है। इसका पता लगने के बाद सिविल लाइन पुलिस उनका बी वारंट बनवाने की तैयारी में है। विवेचक ने बताया कि जेल में बंद सतपाल और अंकुर द्वारा रंगदारी मांगने की पुष्टि हो चुकी है। दोनों आरोपियों को बी वारंट पर मुजफ्फरनगर जेल से लाया जाएगा। आरोपियों के जेल से बाहर किन लोगों से संपर्क है, इसकी जानकारी की जाएगी। आरोपी किस-किस से रंगदारी मांग चुके हैं, इसकी जांच होगी।