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राशि और सोनू की गवाही पर टिका रिंकू हत्याकांड

Sat, 06 Feb 2016 02:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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दुर्भाग्य कहेंगे या किस्मत का खेल। जिस दोस्त रिंकू की हत्या में राशि जेल में बंद है, अब उसी को इंसाफ दिलाने की खातिर गवाही देगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंक कैशियर रिंकू की हत्या का मुकदमा अब राशि त्यागी और सोनू की गवाही पर टिक गया है। सोनू रिंकू का दोस्त था, जोकि सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचा था। इस हत्याकांड में साक्ष्य और तकनीकी सिस्टम से बरामद सुबूतों का आधार केस आगे बढ़ाएगा।
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रिंकू हत्याकांड का सही खुलासा कर पुलिस ने बेकसूर राशि त्यागी उसके परिवार को इंसाफ जरूर दिला दिया है। लेकिन अभी हत्या के आरोपियों को कोर्ट में खड़ा करना और मुकदमा आगे चलाना पुलिस के लिए चुनौती भरा है। पुलिस की कमजोर विवेचना आरोपियों कोे पहली सुनवाई पर ‘क्लीन चिट’ दिला सकती है। इसलिए पुलिस को हत्या से जुड़े तमाम साक्ष्यों को मजबूत करना होगा।

इन आधारों पर केस खड़ा करेंगी पुलिस
1. रिंकू की हत्या की चश्मदीद उसकी दोस्त राशि त्यागी है। राशि ने वारदात के बाद रिंकू के दोस्त सोनू को फोन करके घटनास्थल पर बुलाया। सोनू ने कंट्रोल रूप को वारदात की सूचना दी। सोनू ने रिंकू के पिता को हत्या की जानकारी दी। राशि और सोनू की गवाही होनी है।
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2. आरोपी अरुण ने रिंकू को सरिया मारा था, जिससे उसकी मौत हुई। सरिये को पुलिस से कब्जे में लिया है। आरोपी के फिंगर प्रिंट लिए गए हैं। जोकि सरिये के निशान से मिलान होंगे। फिंगर एक्सपर्ट की रिपोर्ट मुकदमे में शामिल होगी।

3. सभी आरोपियों से हुई पूछताछ की वीडियो रिकार्डिंग की गई है। जिसको कोर्ट में पेश किया जाएगा। उनके मोबाइल फोन की सीडीआर निकाली गई। सर्विलांस में स्पष्ट है कि आरोपी वारदात के दौरान घटनास्थल पर मिलान हो रहा है।

4. राशि और रिंकू लोहियानगर रिंग रोड पर अक्सर जाते थे। दोनों के मोबाइल फोन की सीडीआर से स्पष्ट होगा। कुछ लोगों के बयानों में यह बात सामने आयी है कि आरोपी युवक नशा करके लोहियानगर रिंग रोड पर घूमने आते थे। जिनकी नीयत राशि पर थी। यह बयान केस डायरी में लगेंगे।

5. रिंकू की हत्या राशि और उसके परिवार ने नहीं की। इसका तर्क पुलिस देगी, क्योंकि रिंकू के पिता जयपाल मुकदमे में खुद चश्मदीद गवाह बने है। जयपाल घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे, इसके सुबूत पुलिस ने जुटाए हैं।

नामजद आरोपी आएंगे जेल से बाहर
सीओ सिविल लाइन बीएस वीर कुमार इस हत्याकांड के विवेचक है। नामजदगी झूठी हुई थी और विवेचना में आरोपी अलग पाए है, जोकि जेल भेजे गए हैं। पुलिस धारा 169 की रिपोर्ट लगाकर कोर्ट में पेश करेगी। जिस आधार पर राशि त्यागी, उसके पिता ब्रजमोहन और मामा कुलदीप त्यागी जेल से रिहा होंगे।

आरोपी जेल भेजे
मेडिकल थाना पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार अक्षय सैनी उर्फ पारुल पुत्र ताराचंद सैनी, अरुण उर्फ साइड गंजा पुत्र चंद्रसेन, नितिन पोल पुत्र मुकेश पोल, राहुल कुमार पुत्र सतपाल कुमार, नीटू पुत्र शेर सिंह, राजन पुत्र जयपाल, रिंकू उर्फ संजय पुत्र माया प्रकाश, अंकित उर्फ लाला निवासी दिलेर सिंह, विजय पुत्र धर्मपाल, सुरेंद्र उर्फ रफी पुत्र मोहनलाल, राजू पुत्र जगदीश निवासी सरायकाजी मेडिकल को शुक्रवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।

यह था मामला
12 दिसंबर 2015 को मेडिकल थाना क्षेत्र स्थित लोहियानगर रिंग रोड पर बैंक कैशियर रिंकू कुमार की हत्या हो गई थी। वारदात के दौरान रिंकू के साथ उसकी दोस्त राशि त्यागी भी थी। दोनों ही सरधना के इकड़ी गांव के निवासी हैं। रिंकू के परिजनों की तहरीर पर 13 दिसंबर को राशि त्यागी, उसके पिता ब्रजमोहन और मामा कुलदीप त्यागी को जेल भेजा गया था। यह मामला पुलिस ने बृहस्पतिवार को पलट दिया। जिसमें राशि और उसका परिवार बेकसूर बताकर 11 नए चेहरे सामने लाए गए। पुलिस ने खुलासा किया कि राशि की आबरू बचाने के चक्कर में रिंकू की हत्या हुई थी।
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