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महिलाएं चिल्लाती रह गईं, उडेल लिया तेल

Fri, 22 Jan 2016 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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अनिल, सुनील और राजकुमार बृहस्पतिवार दोपहर घर से यह कहकर निकले थे कि बहुत हो गया। हम डीएम ऑफिस मरने जा रहे हैं। खुद को आग लगाकर जान दे देंगे। घर की महिलाओं ने इन्हें रोकने की कोशिश की थी तो तीनों महिलाओं को झटककर एक ही बाइक से वहां से निकल गए थे।
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उनके पीछे-पीछे ही महिलाएं भी चिल्लाते हुए कलक्ट्रेट पहुंच गई थीं। उनके सामने ही तीनों ने खुद पर तेल उड़ेल कर आग लगा ली थी। आग बुझाने के बजाए महिलाओं ने वहां हंगामा करना शुरू कर दिया। यही नहीं, फायर ब्रिगेड की गाड़ी के आगे भी लेट गईं। पुलिस ने आठ महिलाओं को हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

होमगार्डों ने बुझाई आग
इस सनसनीखेज घटनाक्रम के दौरान कलक्ट्रेट में चहल-पहल थी। लेकिन तीनों युवकों पर जैसे जुनून सवार था। उन्होंने आसपास के लोगों की परवाह नहीं की। बाइक से उतरे। कुछ देर आपस में बात की और फिर देखते ही देखते अपने ऊपर केरोसिन डालना शुरू कर दिया। तब तक उनके परिवार की महिलाएं भी वहां पहुंच चुकी थीं। उनके शोर मचाने पर आसपास के लोगों का ध्यान इन युवकों की तरफ गया तो युवकों ने उनकी आंखों के सामने ही खुद को आग के हवाले कर दिया। महिलाएं और अन्य लोग तो सिर्फ शोर मचाते रहे जबकि डीएम ऑफिस पर तैनात होमगार्डों ने आगे बढ़कर जैसे-तैसे आग को बुझाया। बाद में पुलिस तीनों युवकों को जिला अस्पताल ले गई।
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जबरन दबाव का आरोप
कैश कंपनी का 74 लाख रुपये गबन करने के आरोपी इन तीनों युवकों के परिवार की महिलाओं ने कलक्ट्रेट में हंगामा करते हुए कंपनी और पुलिस-प्रशासन पर जबरन दबाव का आरोप लगाया। महिलाओं का आरोप था कि वह इसी दबाव में 20 लाख रुपये कंपनी को दे चुके हैं। लेकिन हमारी परेशानी कोई समझ नहीं रहा था। इतनी मोटी रकम को लेकर भी पुलिस-प्रशासन ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। महिलाओं ने इस दौरान पहले कलक्ट्रेट परिसर और फिर कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया। महिलाएं इस दौरान वहां पहुंची दमकल गाड़ी के आगे लेट गईं। जिससे वे बाल-बाल बचीं।

नहीं मानीं तो हिरासत में लिया
महिलाओं के हंगामे की सूचना पर एडीएम और एसपी सिटी के अलावा सिविल लाइन थाना पुलिस वहां पहुंच गई। महिलाओं की पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से नोकझोंक हो गई। महिलाएं कई बार विरोध जताते हुए सड़क पर लेट गईं। करीब आधा घंटा तक अफसर मामले को समझ नहीं पाए। बाद में अफसरों ने बेवजह हंगामा करने की बात कहते हुए आठ महिलाओं को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। करीब दो घंटे बाद उन्हें हिदायत देकर छोड़ा गया। पुलिस ने बताया कि सुमित नाम के एक युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
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