डासना जेल का कैदी सोमवार सुबह मेडिकल कॉलेज से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इस पर पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही एसओ मेडिकल मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। कैदी की सुरक्षा में तैनात दोनों सिपाहियों को मेडिकल पुलिस ने हिरासत में लेते हुए लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है।
हापुड़ जिले के सिंभावली थाना क्षेत्र के देवली ढ़ाना गांव निवासी मूलचंद उर्फ मूला उर्फ जोगेंद्र पुत्र रामस्वरूप हत्या के मामले में गाजियाबाद की डासना जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। कूल्हे की बीमारी के चलते कै दी को डासना जेल से 17 दिसंबर 2015 को मेडिकल कॉलेज के हड्डी वार्ड में भर्ती कराया गया था।
उसकी अभिरक्षा में हापुड़ पुलिस लाइन के सिपाही शिवकुमार और सोमपाल सिंह तैनात थे। सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे दोनों सिपाहियों ने देखा कि हड्डी वार्ड के बेड पर कैदी मूलचंद नहीं है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने घटना की जानकारी थाना पुलिस को दी। इसके बाद एसओ मेडिकल बचन सिंह सिरोही मौके पर पहुंचे और मेडिकल कॉलेज के स्टाफ से जानकारी ली। कैदी के फरार होने की सूचना हापुड़ और गाजियाबाद पुलिस को दी।
एसओ मेडिकल ने बताया कि 36 वर्षीय मूलचंद हत्या के मामले में डासना जेल में बंद था। उसकी अभिरक्षा में तैनात दोनों सिपाही शिवकुमार और सोमपाल के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज करते हुए हिरासत में ले लिया गया है। जिन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा।
पलक झपते ही भागा सिपाहियों पर आयी शामत
सिपाही शिवकुमार और सोमपाल ने पुलिस को बताया कि रात में कैदी बेड पर था। दिन निकलने से पहले तक भी वह मौजूद था, लेकिन इस बीच उनकी आंख लग गई। जैसे ही उन्होंने देखा तो मूलचंद बेड पर नहीं था।