खरखौदा कस्बे में तीन दिन पहले पकड़ी गई करोड़ों रुपये की चंदन की लकड़ी की बुधवार को तौल और जांच पूरी हो गई। वन विभाग ने 580 कुंतल लकड़ी की कीमत करीब 40 करोड़ रुपये आंकी है।
पुलिस ने बीती 18 जनवरी को मोहिउद्दीनपुर रोड स्थित श्री जी मर्चेंट के गोदाम से छापा मारकर चंदन की लकड़ी पकड़ी थी। जिसमें वन विभाग, सेल्स टैक्स और मंडी समिति की टीम भी पहुंची थी।
लकड़ी की तीन दिन से तौल चल रही थी। यह कार्य बुधवार शाम पूरा हो सका। वन विभाग की टीम ने लकड़ी का वजन करीब 580 कुंतल बताया है। टीम ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक किलो चंदन की लकड़ी की कीमत 6000 से 9000 रुपये प्रति किलो के बीच बताई है। टीम ने लकड़ी की कीमत 7 हजार रुपये किलो के हिसाब से आंकी है।
इससे इसकी कीमत करीब 40 करोड़ रुपये बताई है। लकड़ी पुलिस और वन विभाग के संयुक्त रूप से कब्जे में है। पुलिस और वन विभाग की टीम ने आरोपी सुचित सिंघल एवं अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सुचित की कुंडली खंगालने में जुटी पुलिस
थानाध्यक्ष खरखौदा ने बताया कि जांच में पता चला कि दार्जिलिंग निवासी पैंजिंग भूटिया इस समय दिल्ली में रह रहा है। वह नामजद आरोपी सुचित सिंघल के साथ गोरखधंधे में शामिल है। हरियाणा के रेवाड़ी और मवाना थाना क्षेत्र में सुचित की 95 करोड़ की लकड़ी पकड़ी जा चुकी है।
सुचित अवैध शराब और नशीले पदार्थ के धंधे में भी लिप्त है। सुचित का शेयर बाजार पर भी होल्ड है। दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ में उसका काम फैला है। उसका नेपाल में जुआघर और डांस बार भी है। वह दबाव पड़ने पर नेपाल में शरण लेता है।