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मेरठ में फिर बड़ी लूट, डीजीपी ने जताई नाराजगी, मामले की लखनऊ तक गूंज

Sat, 27 Apr 2019 04:31 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मौके पर मामले की जानकारी लेते एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
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लूट के दौरान चौकीदार की हत्या के मामले का अभी खुलासा नहीं हुआ कि मेरठ में फिर बड़ी लूट हो गई। इसकी गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। वारदात को लेकर डीजीपी ने भी नाराजगी जताई। पुलिस ने वारदात को संदिग्ध बताया तो डीजीपी कार्यालय से भी जानकारी ली गई। 
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मेरठ देहात में माछरा पुलिस चौकी के पास 17.88 लाख रुपये की लूटपाट की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों के पहुंचने के पहले लखनऊ से फोन घनघनाने लगे। डीजीपी कार्यालय से जानकारी ली कि बताओ कितने की लूट हो गई। घटनास्थल पर ऐसा प्रतीत होता है कि सटीक रेकी के बाद ही बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। 

चौकी पर क्यों नहीं थी पुलिस 
सवाल उठता कि पुलिस चौकी पर पुलिस क्यों नहीं थी। सरेशाम देहात में ऐसा हाल है तो रात में कैसा होगा। इसको लेकर अलग-अलग चर्चाएं भी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि तत्कालीन किठौर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ने माछरा, कासमपुर, नंगली अब्दुल्ला के ग्राम प्रधान राकेश त्यागी, शिवराज भाटी, दीपक त्यागी को बुलाकर कहा कि माछरा बस अड्डे पर तुम्हें अपने पैसे से एक भवन का निर्माण कराना है। जिससे पुलिस चौकी खुल जाए।
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ग्राम प्रधानों ने अपने स्तर से एक कमरा एवं सामने टीन शेड डालकर भवन बनाया। लेकिन अभी तक उसमें किसी भी दरोगा या पुलिस कर्मी की तैनाती नहीं हुई। दिन में कभी भी गश्त की पुलिस बैठ जाती है। ज्यादातर पुलिस चौकी सहायता केन्द्र पर ताला लटका रहता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि माछरा बस अड्डे की चौकी पर पुलिस तैनात होती तो शायद वारदात नहीं होती। 

छह किमी तक पीछा, मेरठ से सूचना 
सरेशाम 17.88 लाख रुपये लूट की जानकारी पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पीड़ित अंकित मित्तल से थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने पूछताछ की। पीड़ित अंकित ने बताया कि करीब छह किमी तक बदमाशों ने पीछा किया। रास्ते में कई जगह रोकने का प्रयास हुआ। अंत में पुलिस चौकी के पास बदमाशों ने उसकी बाइक रोक ली और बैग ले गए। मुनीम से बाइक नहीं छीनी और मोबाइल भी नहीं लिया। मुनीम हसनपुर गांव में अपने दोस्त को बुलाकर लाया। मेरठ में आकर व्यापारी प्रवीण वशिष्ठ को लूट की सूचना दी। तब जाकर किठौर थाना पुलिस को जानकारी मिली कि लूट हो गई। जबकि अमूमन लूट की घटना होने पर पुलिस को सूचना दी जाती है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुलिस का मानना है कि वारदात में कुछ तो गड़बड़ है। व्यापारी ने बताया कि मुनीम उनके यहां पर पिछले 6 माह से नौकरी कर रहा है, उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

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