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पब्लिकेशन की मालकिन से थे अवैध संबंध, इसलिए बेटे ने सुपारी देकर मरवा दिया

Sat, 25 Feb 2017 08:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

एसपी सिटी ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता करके  किया खुलासा, जुहेब की हत्या की पब्लिकेशन मालिक के बेटे ने सुनाई दास्तां, पब्लिकेशन मालिक की पत्नी से थे जुहेब के अवैध संबंध, पब्लिकेशन मालिक का इकलौता बेटा और ड्राइवर गिरफ्तार, हत्या करने वाले शूटरों को गिरफ्तार नहीं कर सकी पुलिस
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अकाउंटेंट जुहेब आलम की हत्या कराना पब्लिकेशन मालिक के इकलौते बेटे एमबीए पास मयंक ने शुक्रवार कबूल कर लिया। मयंक बोला कि उसकी मां की आबरू और पिता की दौलत को जुहेब लूट रहा था। इसको लेकर कई बार विवाद भी हुआ। वह नहीं माना तो भाडे़ के शूटरों से उसका मर्डर कराना पड़ा। पुलिस ने मयंक व उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया। शूटरों को पुलिस अभी गिरफ्तार नहीं कर सकी। मयंक ने जुहेब की हत्या की प्लानिंग अपने मौसा के साथ रची थी, वह भी फरार है। एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने शुक्रवार शाम चार बजे पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर कीर्तिका पब्लिकेशन के अकाउंटेंट जुहेब आलम उर्फ साहिल खान की हत्या का खुलासा किया। एसपी सिटी ने बताया कि हत्या की प्लानिंग कीर्तिका पब्लिकेशन के मालिक अमित अग्रवाल के इकलौते बेटे मयंक उर्फ चिंटू निवासी रामनगर ने अपने मौसा राजू उर्फ किशनपाल शर्मा निवासी देवल रामराज मुजफ्फरनगर के साथ बनाई थी। 
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शराब की कैंटीन में बरसाईं गोलियां

जुहेब की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
20 फरवरी की सुबह सात बजे राजू मेरठ आया। प्लानिंग में दोनों ने ड्राइवर असब उर्फ बिट्टू निवासी इकड़ी सरधना को शामिल किया था। शाम 6:45 बजे असब जुहेब के साथ बाइक पर सूरजकुंड स्थित शराब की कैंटीन में गया। जहां पर दोनों शराब पीने लगे। तभी सिगरेट पीते असब बाहर आया और उसने राजू को फोन किया। राजू अपने साथ पहले से हायर किए दो शूटर सारिक पुत्र शफीक अहमद उर्फ सक्को पहलवान निवासी शास्त्रीनगर-12 नौचंदी और नदीम निवासी अज्ञात को लेकर कैंटीन में पहुंचा। दोनों शूटरों ने जुहेब पर गोलियां बरसाकर उसको मौत के घाट उतार दिया। 

परिवार में बनाए थे जुहेब ने संबंध  

जुहेब की हत्या के बाद बंद शराब की दुकान - फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी ने बताया कि जुहेब करीब पांच साल से कीर्तिका पब्लिकेशन में जॉब कर रहा था। पब्लिकेशन में काम करने के साथ साथ पब्लिकेशन फैमिली में अच्छे संबंध बनाए थे। पब्लिकेशन मालिक की पत्नी से जुहेब के अवैध संबंध हो गए, इसकी जानकारी परिवार के कुछ लोगों को थी। अग्रवाल फैमिली में इस बात को लेकर कई बार विवाद भी हुआ। लेकिन पब्लिकेशन मालिक की पत्नी हर बार दोबारा गलती न होने की बात कहकर मामले को टरका देती थी। 

जुहेब को हटना था बड़ा मुश्किल 

घटनास्थल की जांच करते एसपी सिटी - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने आरोपी मयंक से पूछा कि  इतना सब कुछ हो चुका था तो जुहेब को पब्लिकेशन से क्यों नहीं हटाया था। जिस पर मयंक बोला कि जुहेब को हटाना बड़ा मुश्किल था। जुहेब परिवार की सारी जानकारी जानता था और पब्लिकेशन का सारा कामकाज उसके हाथ में था। पब्लिकेशन में माल कहां से आया, कहां जाना व किस किस पर पैसे है। इसकी तमाम जानकारी सिर्फ जुहेब को थी। इसलिए जुहेब को नौकरी से हटाने को लेकर बड़ी दिक्कत हो सकती थी।  

चार साल से थे अवैध संबंध? 

मौके पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने बताया कि जुहेब के मोबाइल की सीडीआर में कई महत्वपूर्ण राज खुले। जुहेब के महिला से करीब चार साल से अवैध संबंध थे। परिवार की ओर दो महिलाओं से जुहेब एफबी अकाउंट व व्हाट्सअप पर चैटिंग करता था। इसका खुलासा भी मोबाइल की सीडीआर में निकला। दोनों महिला अग्रवाल फैमिली से जुड़ी होना बताया गया। दोनों महिलाओं से भी पुलिस ने पूछताछ की है। पुलिस का दावा है कि इस मामले को लेकर भी अग्रवाल फैमिली में बखेड़ा हुआ था।  
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यह था मामला 

हत्या का खुलासा करते एसपी सिटी - फोटो : अमर उजाला
सूरजकुंड स्थित अंग्रेजी और देशी शराब की कैंटीन में 20 फरवरी की शाम जुहेब आलम (24) पुत्र सुल्तान निवासी मैदा मोहल्ला लालकुर्ती का मर्डर हुआ था। उसको 12 गोलियां मारी थी। जुहेब के दोनों फोन बदमाश ले गए थे, जिससे शक था कि मामला अवैध संबंधों का है। जुहेब हापुड़ रोड पर रामनगर कॉलोनी में कीर्तिका पब्लिकेशन के अकाउंटेंट था। लूटे गए मोबाइल की सीडीआर निकालते ही एक के बाद एक कड़ी खुलती गई। 
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