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दसवीं की छात्रा का दिनदहाड़े अपहरण, परिजनों ने आरोपी को दबोचा और...

Thu, 12 Jan 2017 06:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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जेल चुंगी चौराहा स्थित एक स्कूल के सामने से दसवीं की एक छात्रा का बुधवार दिनदहाड़े अपहरण करने की कोशिश की गई। छात्रा के चीखने चिल्लाने पर परिजनों ने घेराबंदी कर एक आरोपी दबोच लिया। जबकि सात आरोपी फरार हो गए। आरोपी एक सप्ताह से छात्रा का पीछा करते थे। जिनके डर से छात्रा तीन दिन से स्कूल नहीं आ रही थी। परिजनों ने पुलिस पर विश्वास न करते हुए खुद घेराबंदी कर दबोचे आरोपी को पीटकर पुलिस को ही सौंप दिया।
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गंगानगर थानाक्षेत्र निवासी एक किशोरी जेल चुंगी स्थित एक स्कूल में कक्षा दस की छात्रा है। सिविल लाइन के संजय नगर कॉलोनी के आठ युवक छात्रा से छेड़छाड़ करते थे। छात्रा गंगानगर से टेंपो में आती तो आरोपी उसी टेंपो में बैठकर उसके साथ आते थे। छात्रा ने छेड़छाड़ का विरोध किया तो आरोपी उसको उठाकर ले जाने की फिराक में लग गए। आरोपियों की करतूत छात्रा ने अपने परिजनों को बताई। परिजनों ने बुधवार को छात्रा को स्कूल भेजते हुए खुद कार से पीछा करना शुरू कर दिया।

जेल चुंगी स्थित स्कूल के पास आरोपियों ने छात्रा को उठाने की कोशिश की तो परिजनों ने उनको चारों तरफ से घेर लिया। छात्रा के परिजनों ने आरोपियों पर जमकर लाठी-डंडे चलाए। एक आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया गया। सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। परिजनों ने बताया कि सात आरोपी मौके से भाग गए। आरोपियों के डर से बेटी तीन दिन से स्कूल नहीं जा रही थी।
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पुलिस का बहादुरी को सलाम
परिजनों ने जिस तरह से बेटी को बचाया और एक आरोपी पकड़ा, उनकी बहादुरी देखकर खुद पुलिसकर्मी भी उनको सलाम कर रहे हैं। सिविल लाइन थाने में पुलिसकर्मियों ने कहा कि अगर छात्रा और उसके परिजन इस तरह बहादुरी दिखाएं तो किसी मनचले की हिम्मत नहीं है कि छेड़छाड़ कर दे। स्थानीय लोगों ने भी छात्रा व उसके परिजनों की बहादुरी को सराहा है। हालांकि इस वारदात से पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

दादा जी! मुझे उठाकर ले जाएंगे
तीन दिन पहले छात्रा ने अपने दादा से बताया था कि कुछ लड़के मुझे परेशान करते है। डर है कि कहीं उसको वह उठाकर न ले जाएं। दादा ने उसे हिम्मत बंधाते हुए कहा कि बेटी टेंशन मत ले, अभी तेरा दादा है ना। जिस पर छात्रा का हौसला बुलंद हुआ। उसके बाद छात्रा और परिजनों ने आरोपियों को सबक सिखाने के लिए प्लान बनाया।

इज्जत से बढ़कर क्या है साहब
छात्रा के परिजन आरोपियों को खुद सबक सिखाने को तैयार हैं। उन्होंने बेटी के लिए किसी भी हद तक जाने का फैसला ले लिया था। उनका कहना है कि इज्जत से बढ़कर भला क्या है। आरोपियों को सबक सिखाना होगा। एक आरोपी पुलिस को सौंपा है। कहा कि इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करो। ताकि किसी दूसरे की बेटी पर ऐसे लड़के गलत नजर न डालें। दादा की तहरीर पर सिविल लाइन थाने में केस दर्ज हुआ है।

आरोपियों को हम खुद पकड़कर देंगे
पुलिस ने छात्रा के परिजनों से पूछा कि आरोपी काफी दिनों से बेटी को परेशान कर रहे थे तो इसकी जानकारी आपने पुलिस को क्यों नहीं दी। पुलिस आरोपियों को पकड़ लेती। परिजनों ने जवाब दिया कि पुलिस उनको नहीं पकड़ पाती। इसलिए उन्होंने खुद ही आरोपियों को पकड़कर पुलिस को सौंपने का फैसला लिया। उसके भी परिवार में पुलिस और नेता है। कानून का पालन करना जानते हैं।  

पांच नामजद, दो अज्ञात पर केस
पुलिस के मुताबिक आरोपी आकाश विकल निवासी चंदपुरा खरखौदा (हाल पता संजयनगर कॉलोनी) को गिरफ्तार किया है। आकाश ने बताया कि उसके साथ सुमित, निखिल, जीवन और अनिल समेत सात युवक थे। पुलिस ने आकाश की निशानदेही पर फरार नामजद आरोपियों की तलाश में संजयनगर कॉलोनी में दबिश दी है। सभी आरोपी घरों से फरार मिले।
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