तीन दिन से अपहृत चल रहे महामंडलेश्वर राजेंद्र स्वरूप की कनपटी में दो गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। उनका गोली लगा शव बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे मवाना के नंगला गोसाई गांव के जंगल से मिलने पर सनसनी फैल गई। हत्या के विरोध में गुस्साए लोगों ने गढ़ रोड पर जाम लगा दिया। वहीं, संत समाज ने भी कड़ा आक्रोश जताया है।
एसएसपी का दावा है कि हत्या के पीछे 10 लाख रुपये के लेनदेन का विवाद सामने आया है। दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। मुख्य आरोपी तांत्रिक नजाकत और महामंडलेश्वर के ड्राइवर नटवर का पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है।
नौचंदी क्षेत्र के फूलबाग कॉलोनी गली नंबर-8 निवासी महामंडलेश्वर राजेंद्र स्वरूप (45) का बीती मंगलवार रात करीब दस बजे ऑल्टो कार सवार चार बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। जिसमें नटवर के अलावा कुख्यात तांत्रिक नजाकत उर्फ पप्पू निवासी खत्ता रोड ब्रह्मपुरी का नाम सामने आया था। नजाकत करीब एक साल पूर्व पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था, लेकिन अभी तक पकड़ा नहीं गया। पुलिस अफसर दावा कर रहे थे कि महामंडलेश्वर को जल्द ही सुरक्षित बरामद करा लिया जाएगा, लेकिन सुबह जब उनका शव मिलने की सूचना मिली तो अफसरों के होश उड़ गए।
हत्या को लेकर बवाल न हो जाए, इस डर से पुलिस अफसरों ने महामंडलेश्वर के आवास पर फोर्स तैनात कर दी। इंस्पेक्टर नौचंदी ने परिवार को साथ ले जाकर शव की शिनाख्त कराई। परिजनों ने अपहरण के बाद ड्राइवर नटवर, धीरज, वीशू समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें पुलिस ने नामजद धीरज गुर्जर निवासी फूलबाग कॉलोनी (मूल निवासी गढ़ी गांव, हस्तिनापुर) और वीशू निवासी रामनगर पांडवनगर सिविल लाइन को गिरफ्तार कर लिया।
अफसरों से तीखी झड़प, जाम लगाया
महामंडलेश्वर की हत्या की जानकारी पर बसपा नेता दारा सिंह प्रजापति, लोकेश प्रजापति, बजरंग दल के प्रांत संयोजक बलराज डूंगर समेत कई राजनीतिक नेता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। शाम करीब चार बजे पोस्टमार्टम के बाद लोगों की पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से तीखी झड़प हो गई। जिसके बाद लोगों ने हत्यारों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर मेडिकल के सामने गढ़ रोड पर जाम लगा दिया। काफी हंगामे के बाद पुलिस महामंडलेश्वर के शव को लेकर उनके आवास पहुंची। जहां से शव को ब्रजघाट ले जाकर अंतिम संस्कार कराया।
10 लाख का विवाद : एसएसपी
एसएसपी डीसी दूबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में महामंडलेश्वर की हत्या दस लाख रुपये के विवाद में होना सामने आया है। आरोपी वीशू ने बताया कि आरोपी दर्शन गुर्जर निवासी गंगानगर के एक रिश्तेदार से महामंडलेश्वर ने दस लाख रुपये ठग लिए थे। पैसा वापस न होने पर दर्शन ने नटवर से साठगांठ करके महामंडलेश्वर की हत्या का प्लान बनाया। तीन दिन से वीशू और धीरज फूलबाग कॉलोनी में महामंडलेश्वर की रैकी कर रहे थे।