लूट की घटना की जानकारी लेती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
शास्त्रीनगर में शनिवार को दिनदहाड़े लूट की सूचना पर पुलिस दौड़ पड़ी। बाद में जांच की तो मामला फर्जी निकला।
मेडिकल क्षेत्र के जागृति विहार सेक्टर-7 निवासी महेंद्र सिटी बिल्डकॉन के बिल्डर अनुराग गुप्ता और अनिल गुप्ता के यहां मुनीम है। शनिवार को वह तेजगढ़ी स्थित यूनियन बैंक से चेक से ढाई लाख रुपये निकालकर पीएनबी सेंट्रल मार्केट में जमा करने जा रहा था। इस बीच मुनीम ने पुलिस को सूचना दे दी कि सेंट्रल मार्केट पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर बाइक सवार दो बदमाशों ने उससे नोटों से भरा बैग छीन लिया।
इस पर सीओ सिविल लाइन बीएस वीर कुमार और इंस्पेक्टर नौचंदी हरसरण शर्मा मौके पर पहुंचे। जिस स्थान पर मुनीम ने लूट की घटना होना बताया वहां एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की पुुलिस ने जांच की। जिसमें मुनीम साइकिल से उतरकर अचानक शोर मचाता हुआ दिखा। पुलिस ने मुनीम से पूछताछ की तो वह बार-बार बयान बदलने लगा।
इंस्पेक्टर नौचंदी हरसरण शर्मा ने बताया कि मुनीम बैंक से ढाई लाख रुपये लेकर चला था, लेकिन शास्त्रीनगर में अपने परिचित के घर वह पैसे रख आया। बाद में बिल्डर भी मौके पर पहुंच गया और पुलिस को लिखित में देते हुए कहा कि उनके मुनीम से गलतफहमी हो गई थी। इस मामले में वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते। वहीं इंस्पेक्टर हरसरण शर्मा का कहना है कि मुनीम हार्ट पेशेंट है, जिस कारण उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस ने की चेकिंग
शनिवार दोपहर सेंट्रल मार्केट चौकी खाली पड़ी थी। घटना की सूचना के बाद पुलिस चेकिंग अभियान चलाकर संदिग्धों को रोकती रही। वहीं दो सप्ताह पहले जानी क्षेत्र के एक ठेकेदार ने बिजली बंबा बाईपास पर 4.63 लाख की फर्जी सूचना दी थी।