लूट की लगातार वारदातों से लगता है कि पुलिस ने लुटेरों को खुली छूट दे दी है। घनी आबादी में बदमाशों ने लगातार ज्वैलरी शॉप लूटकर पुलिस को खुली चुनौती दी है।
4 मई बृहस्पतिवार को बदमाशों ने शास्त्रीनगर पीवीएस मॉल के पीछे सराफ महेंद्र शर्मा की दुकान से दिनदहाडे़ आधा किलो सोने के जेवरात लूटे थे। बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए और मेडिकल पुलिस ने उनके स्केच भी जारी किए। लेकिन सुराग नहीं लगा। इस लूट से पुलिस नहीं जागी और बदमाशों ने फिर रविवार को गंगानगर आई ब्लॉक चौराहे पर घनी आबादी के बीच सराफ गौतम की ज्वैलरी शॉप में डाका डाल दिया। इसके बावजूद भी पुलिस अलर्ट नहीं हुईं। नतीजा यह हुआ कि सोमवार को बदमाशों ने कोतवाली के लाला के बाजार में फिर ज्वैलरी शॉप पर धावा बोला।
कैसे सुरक्षित रखें व्यापार
लगातार वारदातों से व्यापारियों, उद्यमियों और आम जनता में दहशत का माहौल है। व्यापारियों को चिंता सताने लगी है कि आखिर कैसे व्यापार करें और कैसे खुद को सुरक्षित रखें। बड़ा सवाल यह है कि मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जारी अलर्ट के बीच भी पुलिस गंभीर नहीं है।
दिन भर रहती कहां है पुलिस
लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे हैं। पुलिस अधिकारी दावा करते हैं कि सुरक्षा के मद्देनजर यूपी 100 की 36 गाड़ियां और 112 फैंटम दिन भर सड़कों पर घूमती हैं। वहीं, दरोगा, थानेदार और सीओ चेकिंग कर बदमाशों को पकड़ते हैं। सवाल उठता है कि दिन भर पुलिस कहां रहती है, इसकी समीक्षा होनी भी जरूरी है।
तीनों वारदातों में एक ही गैंग
शास्त्रीनगर, गंगानगर और कोतवाली में ज्वैलरी शॉप लूट में एक ही गैंग बताया गया है। पुलिस का दावा कि इन तीनों वारदात में अपाचे बाइक का इस्तेमाल हुआ है। पुलिस ने इस अपाचे बाइक के नंबर की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी कैमरे से बदमाशों के चेहरे पहचानने का प्रयास चल रहा हैं। तीनों सराफ को फुटेज दिखाई गईं हैं।