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लिसाड़ी गेट में चलता मिला पशु कत्ल खाना

Sat, 14 May 2016 02:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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लिसाड़ी गेट क्षेत्र में चलता ‌मिला पशु कत्ल खाना - फोटो : अमर उजाला
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 इत्तफाक नगर के मिनी कमेले के बाद अब नीचा सद्दीक नगर में पुलिस को पशु कत्ल खाना चलता मिला। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ कोतवाली ने गोकशी की शिकायत पर कई थानों की फोर्स के साथ छापा मारा। मौके से कटी हालत में एक दर्जन से ज्यादा पशु तो दस जिंदा भैंस मिलीं। इस दौरान पुलिस ने अवैध कटान कर रहे आठ लोगों को गिरफ्तार कर सील लगा दी।
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नीचा स्द्दीक नगर निवासी कय्यूम पुत्र हकीमुल्लाह और अलीम पुत्र गनी एक अहाते में पशुओं की डेयरी चलाते हैं। पास में एक मकान भी है जो काफी समय से खाली पड़ा है। एक सप्ताह से लिसाड़ी गेट पुलिस को अवैध कटान और गोकशी की सूचना दी जा रही थी, लेकिन पुलिस ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
शुक्रवार सुबह सात बजे सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को डेयरी की आड़ में गोकशी होने की सूचना दी। जिसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार, सीओ कोतवाली विनीत भटनागर ने लिसाड़ी गेट, ब्रह्मपुरी और नौचंदी पुलिस के अलावा पीएसी के साथ मौके पर जाकर डेयरी की घेराबंदी कर ली।
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कटान होते देख होश उड़े
पुलिस अफसर जब डेयरी के अंदर घुसे तो उनके होश उड़ गए। यहां कटड़ों के अलावा भैंस का कटान हो रखा था। पुलिस ने वेटनरी डॉक्टर और नगर निगम की टीम को भी मौके पर बुला लिया। इस दौरान पुलिस ने मौके से आठ लोगों को कटान करते हुए गिरफ्तार कर लिया।
जिन्हें ब्रह्मपुरी थाने भेज दिया गया। पुलिस ने मौके से मिले मीट के सैंपल भरवाने के बाद मीट क ो दूसरी जगह ले जाकर दबवा दिया। एसओ लिसाड़ीगेट का कहना है कि मामला गोकशी का नहीं, अवैध कटान का है। दस लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

एक साल बाद कार्रवाई
एक साल पहले इसी जगह डेयरी की आड़ में पुलिस ने मिनी कमेला चलता पकड़ा था। जिसमें आरोपी कय्यूम के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि कय्यूम और अलीम डेयरी की आड़ में पशुओं का अवैध कटान कर रहे हैं। आसपास के लोगों को भनक न लगे, इसके लिए डेयरी में पशु रखने की बात पता थी। रात में पशुओं को लाया जाता था और कटान कर सुबह आठ बजे तक मीट को बेच दिया जाता था।

तराजू और कांटा से तोला जा रहा था मीट:
मौके से तराजू और एक कुंतल का इलेक्ट्रानिक कांटा भी मिला। आरोपियों ने बताया कि वह एक सप्ताह से कटान कर रहे थे। मीट को सौ से 150 रुपये किलो के भाव पर बेचा जा रहा था।

ये आरोपी गिरफ्तार:
हाजी नौशाद, सरफराज, सादिक, मोहम्मद जानू, सैफुद्दीन, हारून, सुयेब, मौ. हसन निवासी नीचा सद्दीनगर और अहमदनगर। वहीं डेयरी मालिक कय्यूम और अलीम के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया गया।

गोकशी की थी शिकायत
मेरठ। नीचा सद्दीनगर में मिनी कमेला पकड़े जाने के बाद हिंदू संगठनों के लोगों ने गोकशी का आरोप लगाकर पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से फोन पर शिकायत की है। आरोप लगाया है कि पुलिस ने गाय का मीट मौके से हटवा दिया। सूचना के बाद सवा घंटे देरी से पुलिस पहुंची। जिसमें थाना पुलिस की साठगांठ से अवैध कटान और गोकशी चल रही है।

चाहो तो रोज गोकशी पकड़वा दूं
सच संस्था के अध्यक्ष डॉ. संदीप पहल का कहना है कि प्रदेश सरकार ने जनता को आश्वासन दिया था कि गोकशी और अवैध पशु कटान होने पर थाना प्रभारी जिम्मेदार होगा। लेकिन एसओ लिसाड़ीगेट रवेंद्र यादव के क्षेत्र में हर रोज कटान मिलता है।
पांच दिन पहले भी नीचा सद्दीकनगर में गोकशी पकड़ी थी। एक सप्ताह से सूचना देने के बाद शुक्रवार सुबह अफसरों ने छापा मारा। सूचना के सवा घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जब तक आरोपियों ने मौके से गौवंश को हटवा दिया था। थाना पुलिस की मिलीभगत से अवैध कटान चल रहा है।
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