लालकुर्ती में रविवार को भी सांप्रदायिक तनाव बरकरार रहा। महाआरती के आयोजन और झांकी निकालने के ऐलान को लेकर दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। जमकर नारेबाजी और हंगामा हुआ। पुलिस अफसरों ने आरएएफ और पीएसी के बल पर हालात काबू में रखे। तनाव को देखते हुए महाआरती स्थगित हो गई। दोनों समुदाय के लोगों में दिन भर अलग-अलग मीटिंग का दौर चला।
लालकुर्ती स्थित हाथीखाना (कुटी चौक) में शनिवार को कृष्णा जन्माष्टमी की झांकी को लेकर सांप्रदायिक तनाव व्याप्त हो गया था। पुलिस ने पूर्व पार्षद अजमल कमाल समेत 150 लोगों पर केस दर्ज किया। रविवार को नवमी पर महाआरती और झांकी निकालने का ऐलान किया गया था। जिस पर दूसरे समुदाय के लोगों ने आपत्ति जता दी। दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा किया। देखते देखते फिर से तनाव फैलने लगा।
ताक पर रखा खुफिया विभाग का
खुफिया विभाग ने पहले ही लालकुर्ती में माहौल बिगड़ने का इनपुट दे दिया था। इसके बावजूद पुलिस नहीं चेती। हर साल कृष्ण जन्माष्टमी की झांकी को लेकर दोनों समुदाय में टकराव होता है, इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों को पहले से थी। माहौल बिगड़ने के अंदेशे के बावजूद एहतियाती कदम नहीं उठाए गए। इस प्रकरण में एसओ लालकुर्ती की लापरवाही सामने आयी है।
कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हर साल झांकी निकाली जाती है। जिस पर दूसरे समुदाय के लोग आपत्ति करते हैं। पिछले साल भी झांकी निकलने के दौरान सांप्रदायिक तनाव हो गया था। डीएम और एसएसपी भी मौके पर पहुंचे थे। इसे देखते हुए स्थानीय खुफिया विभाग ने पहले ही अंदेशा जता दिया था कि लालकुर्ती में माहौल बिगड़ सकता है। इसके बावजूद भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। झांकी निकालने के दौरान भी थाना पुलिस ही मौजूद रही, जबकि दूसरे थानों से या अतिरिक्त पुलिस फोर्स नहीं बुलाई गई।