कुख्यात मोनू की दहशत से रोहटा के किसान पुराने गिले शिकवे दूर कर एकजुट हो गए हैं। अब किसान एक ही खेत से चारा लाते और उसमें ही पशुओं का गोबर डालते है। किसानों का कहना है कि जिंदा बचेंगे तो खेतीबाड़ी भी कर लेंगे। अलग-अलग खेतों पर जाएंगे तो पता नहीं मोनू कब मार दे।
फसल या गांव के मसलों को लेकर किसानों में झगड़ा होना आम बात है। लेकिन रोहटा गांव में अब किसानों का व्यवहार सबसे अलग हो गया है। ईख के खेत में कुख्यात मोनू छुपा हुआ है। मोनू रंगदारी मांगता है और न देने पर बेकसूर लोगों की हत्या कर देता है। जिसको लेकर ग्रामीणों में दहशत है कि पता नहीं कब किसके साथ अनहोनी हो जाए।
इसको देखते हुए एक सप्ताह पहले किसानों की मीटिंग हुई। जिसमें किसानों ने सुबह एक साथ खेत पर जाने और एक ही किसान के खेत से चारा लाने की बात कही। किसान एकजुट हो गए और रोजाना अपनी-अपनी बुग्गी या फिर ट्रैक्टर ट्राली से खेत पर जाते और सभी एक ही खेत से चारा लेकर आते है। इसमें चाहे किसी का चारा ज्यादा आए या कम, इसकी कोई परवाह नहीं करता।
पुलिसकर्मी जाते है किसानों के साथ
किसानों के साथ सुबह चार पुलिसकर्मी भी खेत पर जाते है। पुलिस का मानना है कि किसानों को सुरक्षा देना बहुत जरूरी है। किसान निहत्थे जाते है, इसलिए पुलिसकर्मी खेत में उनकी सुरक्षा करते हैं। कुख्यात की दहशत के चलते किसानों में पहली बार ऐसी एकजुट दिखी है।
ऐसे ही गन्ने की होगी छिलाई
किसानों का कहना है कि अगर पुलिस ने मोनू को जिंदा या मुर्दा नहीं पकड़ा तो वह ऐसी ही एकजुट होकर गन्ने की छिलाई करेंगे। किसान पहले ईख का एक खेत खाली करेंगे, उसके बाद दूसरे खेत में गन्ना छिलाई की शुरूआत करेंगे। सुबह को जाने के बाद किसान दोबारा खेत में नहीं जाता। किसानों का कहना है कि कुख्यात मोनू अकेले किसान पर हमला कर सकता है।
‘साइको किलर’ बना मोनू, कांपने लगी पुलिस
कुख्यात अमित उर्फ मोनू जाट अब ‘साइको किलर’ जैसा बन चुका है। कब किसको धमकी और कब किसकी हत्या कर दे, यह कोई नहीं जानता। पुलिस के प्लान को तो मानो मोनू पलीता लगा रहा हो। धुरंधर इंस्पेक्टर, दरोगा और पुलिसकर्मी तो अब हांफने लगे है। पुलिस अफसर भी कहने लगे हैं कि आखिर यह कितना बड़ा बदमाश बन गया।
लखनऊ से रोजाना मेरठ पुलिस अफसरों से 50 हजार के इनामी कुख्यात मोनू की गिरफ्तारी के बारे में पूछा जाता है। जिस पर पुलिस अफसरों का एक ही जवाब है कि अब तो लगता है कि मोनू ‘साइको किलर’ बन गया। मेरठ और बागपत के पुलिस अधिकारी कुख्यात को पकड़ने के लिए गुपचुप तरीके से जाल बिछाते हैं और वह उनको चकमा देकर वारदात करके भाग जाता है। रोहटा में किसान दंपति के बाद चमड़ा व्यापारी सुरेश और टीकरी में लाल बहादुर की हत्या कर कुख्यात मोनू ने दोनों जनपद की पुलिस को खुली चुनौती दी है।
रोजाना बढ़ाई जाती फोर्स
मेरठ में रोहटा गांव हो या बागपत में टीकरी गांव हो। दोनों गांवों में कुख्यात मोनू की दहशत लगातार बढ़ती ही जा रही है। अधिकारियों को चिंता है कि कहीं मोनू फिर से कोई वारदात न कर दे। उसकी गिरफ्तारी में लगे धुरंधर इंस्पेक्टर, दरोगा और पुलिसकर्मी भी अब हांफने लगे है। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद मोनू का सुराग नहीं लग रहा। इसको देखते हुए अधिकारी रोजाना दोनों गांव में फोर्स बढ़ा देते है।
गांव छोड़ने की तैयारी मेें लोग
मोनू का ‘साइको किलर’ जैसा बर्ताव देखकर रोहटा और टीकरी में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए है। सुबह को लोग गांव में दिखते है। लेकिन दोपहर, शाम और फिर रात को मानों गांव में कोई आदमी ही न रहता हो। शाम ढलते ही दोनों गांव में सन्नाटा पसर जाता है। अब तो लोग रोहटा गांव को छोड़ने की तैयारी में है। रोहटा में कई व्यापारी फैमिली पहले ही पलायन कर चुके हैं।