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सहारनपुर के बाद मेरठ में बवाल, जाट-दलितों में खूनी संघर्ष, एक की मौत  

Tue, 20 Jun 2017 02:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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परतापुर थाना क्षेत्र के गेझा गांव में रविवार देर रात जाट और दलित पक्ष के दो परिवारों में कमेंटबाजी को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। जिसमें दोनों पक्षों के नौ लोग घायल हो गए। सोमवार शाम जाट पक्ष के घायल युवक की इलाज के दौरान मौत होने के बाद गांव में तनाव फैल गया। दुकानें बंद हो गईं। पुलिस ने दलित पक्ष के दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गांव में पुलिस और पीएसी तैनात की गई है।
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पुलिस के अनुसार गांव में जाट बिरादरी के पिंटू और मोनू पुत्र गजेंद्र की दलित बिरादरी के ललित और संदीप पुत्र कुंवरपाल के बीच एक दूसरे पर कमेंट करने को लेकर कहासुनी हो गई थी। दोनों पक्षों में गालीगलौज और हाथापाई हुई। कुछ देर बाद ही दोनों पक्षों के लोगों ने लाठी-डंडों और फावड़ों से एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। महिलाएं भी आ गई। खूनी संघर्ष में जाट पक्ष से मोनू, पिंटू, उनके पिता गजेंद्र और बहन पूनम घायल हो गई जबकि दलित पक्ष से संदीप ललित, दीपू, मंजू और कुंवरपाल घायल हुए। सूचना पर परतापुर पुलिस गांव में पहुंची तो दलित पक्ष अपने घायलों को शहर के निजी अस्पताल में ले गया जबकि जाट पक्ष के घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया। पिंटू को गंभीर हालत में मेडिकल अस्पताल रेफर किया गया, जहां सोमवार शाम उसकी मौत हो गई। गौरतलब है कि पिंटू का भाई 50 हजार का इनामी सोनू गेझा करीब सात साल पहले पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।

दोनों पक्ष के एक ही आरोप
जाट पक्ष का आरोप है कि पिंटू मोनू अपने घर के बाहर खडे़ थे। वहां से गुजर रहे संदीप, ललित और दीपू ने उन पर भद्दे कमेंट किए। उनकी बहन के प्रति अपशब्द कहे। विरोध करने पर उन पर लाठी-डंडे,  फावड़े से हमला किया। वहीं, दलित पक्ष का आरोप था कि पिंटू और मोनू ने उन पर भद्दे कमेंट किए थे। उन्हें जातिसूचक शब्द कहे और हथियारों से हमला कर दिया। बचाव में आई उनकी बहन से भी अभद्रता की गई। 
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