मेरठ डीआईजी ऑफिस में तैनात दरोगा समेत सात पुलिसकर्मियों ने एक आईपीएस के भाई और उसके दो दोस्तों पर गाड़ी चोरी का आरोप लगाकर उनकी पिटाई कर दी। पुलिसकर्मियों ने गाड़ी में तोड़फोड़ भी की। दरोगा समेत सात पुलिसकर्मियों पर बागपत कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत हो गया है। पुलिसकर्मियों के सस्पेंड करने की संस्तुति भी कर दी गई।
शामली के बहावड़ी गांव निवासी शशि कुमार ने बागपत कोतवाली में डीआईजी ऑफिस में तैनात दरोगा राजीव कुमार, मेरठ में तैनात सिपाही शाहनवाज तथा पांच अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कराया। आरोप है कि शशि कुमार अपने दोस्त मनोज कुमार के साथ मेरठ से सोनीपत एक शादी के कार्यक्रम में जा रहे थे। मनोज कुमार आईपीएस विजय ढुल के भाई है। ड्राइवर उनकी बोलेरो चला रहा था। बृहस्पतिवार रात करीब पौने आठ बजे राष्ट्र वंदना चौक से 60-70 मीटर पहले एक ट्रक खड़ा हुआ था। इससे उनकी बोलेरो भी रुक गई। इसी दौरान वहां पहुंची एक गाड़ी से उतरे सात युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए मारपीट कर दी। मनोज ने अपने भाई का परिचय भी दिया। इसके बावजूद भी आरोपी मारपीट करते रहे। बोलेरो में भी तोड़फोड़ की गई। आईपीएस विजय ढुल ने दरोगा राजीव से फोन पर बात की, तब जाकर उन्हें छोड़ा गया। कोतवाली में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट (धारा 147,323, 504 व 427 आईपीसी) दर्ज हुई है। कोतवाल अरुण कुमार द्विवेदी का कहना है कि केस की विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
क्राइम ब्रांच का दरोगा हूं
पीड़ितों ने बताया कि आरोपी राजीव बार-बार खुद को मेरठ क्राइम ब्रांच में दरोगा बता रहा था। उन पर क्रेटा गाड़ी चोरी करने का आरोप लगाया गया। पुलिस का ऐसा बर्ताव देखकर आईपीएस का भाई और उसके दोस्त भी हैरत में पड़ गए। उन्होंने उच्चाधिकारियों से आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किसके निर्देश पर गए थे बागपत
राजीव डीआईजी ऑफिस में तैनात है। वह किसके निर्देश पर बागपत में चोरी हुई क्रेटा पकड़ने गए थे, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दरोगा के साथ डीआईजी ऑफिस में ही तैनात सिपाही शाहनवाज भी थे। दोनों ने बागपत की क्राइम ब्रांच के सिपाहियों से बात की और उनको साथ ले लिया। क्रेटा की जानकारी कहां से आई, इसकी जांच चल रही है।