मेरठ में संजय ने अंधविश्वास में पड़कर अपने हाथ खून से रंग लिए। उसकी ससुराल सिंकदराबाद (बुलंदशहर) में है। जहां की एक महिला तांत्रिक क्रिया करती है। संजय उसे आंटी कहता था। इसी आंटी ने संजय की ऐसी बुद्धि भ्रष्ट की कि संजय ने दो परिवार उजाड़ दिए।
हत्यारोपी संजय से पूछताछ के बाद सीओ और एसओ कोतवाली ने बताया कि संजय के साले रोहित की 29 अप्रैल को शादी है। बुधवार को संजय पत्नी ज्योति के साथ सिकंदराबाद गया था। इस तांत्रिक महिला ने संजय को राई के दाने देकर कहा था कि तुम्हारे भाई की पत्नी कोमल ने तुम सब भाईयों पर टोटका कर रखा है। जिसकी वजह से सारे काम रुके पड़े हैं। कोमल को रास्ते से हटा दोगे तो तुम्हारा परिवार उभर पाएगा। वहां से लौटकर संजय ने पहले अपने और फिर उमेश के घर राई के दाने बिखेरे थे। इसको लेकर उसकी कोमल से झड़प भी हुई थी। लेकिन संबंधों की वजह से कोमल उस पर विश्वास भी करती थी। संजय का दो साल का बेटा छह माह का लगता था। उसे यहां भी शक था कि कोमल ने कोई टोटका किया है। तांत्रिक महिला की बातों और अंधविश्वास में आकर ही उसने कोमल को मार डाला।