आखिर वही हुआ, जिसका अंदाजा लगाया जा रहा था। खाकी पर खादी भारी पड़ गई। होटल क्रोम प्रकरण में सपा नेता से टकराव का खामियाजा खाकी को ही भुगतना पड़ा। सपा नेता के खिलाफ रंगदारी का केस दर्ज करने पर एसएसपी ने परतापुर थाने के एसएसआई और हेड मोहर्रिर को लाइन हाजिर कर दिया। थानाध्यक्ष के खिलाफ भी जांच बैठा दी गई है। एसएसपी का कहना है कि पुलिस ने पैसे लेकर सपा नेता पर रंगदारी की धारा लगाने का खेल खेला था।
यह था मामला
विगत शुक्रवार को समाजवादी युवजन सभा जिलाध्यक्ष नितिन कसाना का भाई सचिन कसाना, सपा महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी का भाई वामिक चौधरी समेत चार लोग दिल्ली रोड स्थित होटल क्रोम में गए थे। जहां पर पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के बेटे दानिश अखलाक भी आया हुआ था। मोबाइल फोन से होटल में गाने बजाने के विवाद में नितिन और दानिश में विवाद हुआ था। जिस पर नितिन कसाना ने होटल के कर्मचारियों से मारपीट और तोड़फोड़ कर दी थी।
होटल मालिक गौरव नारंग ने नितिन कसाना व अन्य तीन अज्ञात लोगों पर एक करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप लगाकर परतापुर थाने में केस दर्ज कराया था। होटल के काउंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में नितिन कसाना, वामिक चौधरी, दानिश अखलाक समेत कई लोगों के चेहरे सामने आए तो सब लोग बैकफुट पर आ गए थे। इस मामले को मैनेज करने के लिए कई सियासी चेहरे भी जुट गए। सपा, बसपा और भाजपा के नेताओं ने होटल मालिक पर दबाव बनाकर मामला निपटाने को कहा।
24 घंटे में हो गई जांच
तीन दिन तक यह हाई प्रोफाइल मामला सुर्खियों में रहा। सोमवार को एसएसपी डीसी दूबे ने एसपी सिटी ओपी सिंह, सीओ ब्रह्मपुरी, एसओ परतापुर राकेश यादव, एसएसआई ओमवीर गुप्ता और हेड मोहर्रिर शिवनंदन शर्मा को तलब कर लिया। सीओ ब्रह्मपुरी से इस प्रकरण की 24 घंटे में जांच रिपोर्ट मांग ली। मंगलवार को सीओ ने एसएसपी को जांच रिपोर्ट भी सौंप दी।
जांच रिपोर्ट पर यह बोले एसएसपी
एसएसपी ने बताया कि सीओ ब्रह्मपुरी की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि होटल क्रोम में मारपीट होने की तहरीर होटल मालिक गौरव नारंग ने एसओ परतापुर को दी थी। उसके बाद एसएसआई और हेड मोहर्रिर ने तहरीर में खेल किया। एसएसपी का कहना कि एसएसआई ने दूसरे पक्ष के दानिश अखलाक से सेटिंग कर रंगदारी का मामला जानबूझकर बनाया। एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप गलत था। इसकी जानकारी खुद गौरव नारंग ने दी। पुलिस ने सामने बैठाकर तहरीर लिखवाई और उसके बाद गुपचुप तरीके से केस दर्ज कर लिया गया। रिपोर्ट के आधार पर एसएसआई ओमवीर गुप्ता और हेड मोहर्रिर शिवनंदन शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। जबकि एसओ की भूमिका की भी जांच कराई जा रही है।
सवाल तो कई बाकी हैं
बड़ा सवाल है कि आखिर दानिश अखलाक के कहने पर एसएसआई ने ऐसा षड्यंत्र क्यों रचा। इसकी जांच होना जरूरी है। होटल में क्या हुआ और किसकी कितनी गलती है, इसका खुलासा सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में हुआ। फुटेज में सियासी चेहरे थे, उनके पास पिस्टल भी थी। लेकिन सचिन कसाना के अलावा अन्य सियासी चेहरों को पुलिस ने उजागर क्यों नहीं किया। इसका जवाब एसएसपी ने एसओ परतापुर से मांगा है। एसओ परतापुर ने बताया कि फुटेज उन्होंने नहीं देखी। जबकि फुटेज वायरल हो गई, इसके बावजूद एसओ ने नहीं देखी तो यह बात किसी के गले नहीं उतर रही।
मैं जांच कराऊंगा, किसकी गलती
इन सवालों पर एसएसपी का कहना है कि मामला रंगदारी का नहीं है, लेकिन होटल में अराजकता जरूर हुई है। इस प्रकरण में किसकी कितनी गलती है, इसकी जांच मै खुद अपने स्तर से कराऊंगा। होटल की फुटेज में दानिश अखलाक, सचिन कसाना, वामिक चौधरी समेत कई लोग शामिल हैं। उन लोगों की क्या-क्या भूमिका है, इसकी जांच कराई जा रही है। मामला मारपीट का है, उसी स्तर से कार्रवाई होगी।
गलती साबित हुई तो इस्तीफा दे दूंगा
उधर, एसएसआई परतापुर ओमवीर गुप्ता का कहना है कि थाने में एफआईआर एसओ के आदेश पर दर्ज होती है। इस मामले में मेरी कोई गलती नहीं है। अगर कोई गलती साबित करे तो विभाग से इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसएसपी को गलत रिपोर्ट भेजी गई है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। रिपोर्ट दर्ज करने से पहले एसओ को पूरे मामले की जानकारी दी गई थी।