हेल्थ के खटारा सिस्टम ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली और दूसरे मासूम को मौत की दहलीज पर खड़ा कर दिया। मासूम की मौत की पुष्टि होने पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। स्वास्थ्य विभाग टीम की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि आग में झुलसे दोनों मासूमों को साढ़े तीन घंटे तक इलाज नहीं मिला। जिसके चलते मासूम की मौत हुई है।
जानी स्थित सविता नर्सिंग होम की नर्सरी में आग लगने से बुधवार रात 11 बजे खिर्वा गांव निवासी सलीम का चार माह का बेटा अलीशान और कुराली गांव निवासी सहदेव की एक दिन की बेटी झुलस गई थी। नर्सिंग होम का स्टाफ सोया हुआ था। नर्सिंग होम के आसपास रहने वाले लोगों ने शोर मचाया, तब जाकर स्टाफ की नींद टूटी। इसके बाद दोनों मासूमों को आग से निकालकर मेरठ बागपत रोड स्थित सिरोही नर्सिंग होम में भर्ती किया गया।
बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे उपचार के दौरान अलीशान ने दम तोड़ा। जबकि एक दिन की मासूम बच्ची की हालत अभी चिंताजनक बनी हुई है। अलीशान की मौत की जानकारी लगते ही उसके परिजनोें का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। मामला तूल पकड़ने से पहले टीपीनगर और जानी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कर बगैर पोस्टमार्टम कराए शव परिजनों को सौंप दिया।
इस वारदात की जानकारी लगने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम जानी स्थित सविता नर्सिंग होम में जांच करने पहुंची। टीम के मुताबिक नर्सरी में वह तमाम सुविधा नहीं थी, जिसके चलते मासूमों का ठीक से इलाज हो सके। इसकी जानकारी लगने पर आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। नर्सिंग होम मालिक डॉ. रविंद्र कुमार का कहना है बाहर रखे ट्रांसफार्मर में आग लगी थी। जिसके चलते आग नर्सिंग होम तक पहुंची। जबकि स्वास्थ्य टीम का कहना है कि नर्सिंग होम के स्टाफ की लापरवाही से मासूम की मौत हुई है।
नर्सिंग होम पर पुलिस तैनात
बागपत रोड स्थित सिरोही नर्सिंग होम और जानी स्थित सविता नर्सिंग होम पर पुलिस तैनात कर दी है। पुलिस का कहना है कि गुस्साए लोग नर्सिंग होम में तोड़फोड़ या कोई अप्रिय घटना कर सकते है। एहतियात के तौर पर पुलिस तैनात की गई है।