हत्यारोपी अभिषेक उर्फ हैप्पी अपनी होंडा स्कोडा में नईम की लाश लेकर करीब चार घंटे शहर में इधर उधर घूमता रहा था। हैप्पी गाड़ी में अपने चाचा आनंद को डॉक्टर के पास भी ले गया था। इस दौरान आनंद की पत्नी सरिता भी मौजूद थी। शाम चार बजे हैप्पी भगत सिंह मार्केट भी गया था और वहां की स्थिति देखकर लौट आया। नईम गाजी की वीभत्स तरीके से हत्या करने के बाद भी हैप्पी बेखौफ शहर में घूमा। उसको विश्वास था कि पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकती। वैसे भी आठ दिन तक पुलिस हैप्पी से सच नहीं उगलवा सकी थी।
गाड़ी में लाश रही और पुलिस खंगाल रही घर
नईम गाजी के लापता होने के छह घंटे बाद लावारिस हालत में उसकी स्कूटी सिटी स्टेशन की पार्किंग में खड़ी मिली थी। गाजी के परिजनों ने शुरूआत में ही हैप्पी और आनंद शर्मा पर अपहरण करने का आरोप लगाया। पुलिस आनंद के घर पर गई थी। उस वक्त भी नईम की लाश होंडा स्कोडा की डिग्गी में रखी थी। नईम के परिजन और कोतवाली पुलिस आनंद का घर खंगालती रही। लेकिन गाड़ी को किसी ने चेक नहीं किया। अगर गाड़ी भी चेक हो जाती तो तभी शव बरामद हो जाता।
रात को नाले में फेंककर आए थे शव
नईम के परिजन चिल्ला रहे थे कि अपहरण हैप्पी ने किया है। पुलिस उनके घर पर जरूर गई। लेकिन हैप्पी को हिरासत में लेना उचित नहीं समझा। हैप्पी से फौरी तौर पर जानकारी ली और सुबह थाने आने की बात कहकर पुलिस वापस लौट आई। इसी का फायदा हैप्पी को मिला। हैप्पी रात में करीब नौ बजे शव लेकर रुड़की रोड पर छठी वाहिनी पीएसी के पास नाले पर पहुंचा। खडौली नाले की पटरी पर सुनसान जगह पर गाड़ी रोकी और फिर शव नाले में फेंककर घर आ गया।