ब्रह्मपुरी में डकैती के दौरान व्यापारी के पुत्र की हत्यारे बदमाशों को पुलिस 24 घंटे बाद भी नहीं ढूंढ सकी। इस सनसनीखेज वारदात को लेकर व्यापारी, भाजपा और आम जनता में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बदमाशों के सामने पुलिस पंगु बन गई। उधर, गमगीन माहौल में परिजनों ने अभिषेक उर्फ सैंटी का ब्रजघाट पर अंतिम संस्कार किया।
ब्रह्मपुरी निवासी गुटखा व्यापारी सुशील वर्मा उर्फ शीलू के बेटे अभिषेक की बदमाशों ने बृहस्पतिवार शाम डकैती के बाद हत्या कर दी थी। जिसको लेकर जनता में पुलिस के प्रति तीखा आक्रोश है। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद अभिषेक का शव ब्रह्मपुरी पहुंचा। लोगों की आंखों में आंसू और गुस्सा था। एक घंटे बाद पीड़ित परिवार के लोग शव को लेकर गढ़ मुक्तेश्वर स्थित ब्रजघाट ले गए। जहां अभिषेक को उसके बड़े भाई दीपांशु ने मुखाग्नि दी।
एंबुलेंस से पिता ब्रजघाट पहुंचे
व्यापारी सुशील वर्मा को बदमाशों ने एक गोली हाथ में और दूसरी पैर में मारी थी। वह केएमसी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। घटना के बाद सुशील को अभिषेक की मौत की सूचना नहीं दी गई थी। शुक्रवार सुबह परिजनों ने उन्हें बताया तो वे बेहोश हो गए। उन्हें किसी तरह होश में लाया गया तो परिवार व रिश्तेदारों के काफी मना करने के बाद भी वे बेटे के अंतिम संस्कार में एंबुलेंस से ब्रजघाट पहुंचे। उसके बाद सुशील फिर केएमसी हॉस्पिटल में भर्ती हुए।
...बेटा तो बच जाता
युवा बेटे के खोने का गम और बेटे को याद कर सुशील के आंसू नहीं रुक रहे। सुशील बार-बार एक बात कहते कि लूट हो गई थी। बदमाशों के पीछे न भागते तो बेटा तो बच जाता। अगर बदमाशों को मारना ही था तो उसकी जान ले लेते। सुशील और उसका परिवार बार बार रोता और बेहोश हो रहा था। पूरे परिवार पर गम का पहाड़ टूटा है।
हत्यारों को गिरफ्तार कराओ
अभिषेक के शव को लेकर परिवार के लोग सुबह नौ बजे ब्रजघाट चले गए थे। घर पर परिवार की महिलाएं ही थीं। जिन्हें सांत्वना देने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ था। महिलाओं ने सबसे एक ही बात कही कि अभिषेक के हत्यारों को गिरफ्तार कराओ।
एसटीएफ भी लगी
पुलिस अफसरों ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे में बदमाश कैद हुए हैं। बदमाशों की पहचान के लिए पुलिस की तीन टीमें लगी हैं। दावा किया कि जल्द ही इसका खुलासा करेंगे। क्राइम ब्रांच के साथ एसटीएफ भी लगी है।