मिनी कमेला चलता मिलने पर पहुंची पुलिस।
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लिसाड़ी गेट के इत्तफाक नगर में रविवार को गोकशी का भंडाफोड़ हुआ। सीओ कोतवाली ने फोर्स के साथ छापा मारा तो मिनी कमेला चलता मिला। इस दौरान आरोपी गोवंश छोड़कर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए तो पुलिस पड़ोसियों से सवाल-जवाब करने में उलझ गई। लोगों ने पुलिस पर गोतस्करों से मिलीभगत का आरोप लगाकर हंगामा किया।
इत्तफाकनगर में कई दिनों से पुलिस को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग रात में गाय का कटान करते हैं। गाय के मांस को तराजू से तोलकर बेचा जा रहा है। रविवार सुबह करीब सात बजे पुलिस को सूचना मिली कि इत्तफाक नगर में सूखे हुए तालाब में आधा दर्जन युवक गाय काट रहे हैं। जिसके बाद सीओ कोतवाली विनीत भटनागर, एसओ लिसाड़ी गेट रवेंद्र यादव और ब्रह्मपुरी पुलिस मौके पर पहुंची। काफी देर तक पुलिस इधर-उधर भटकती रही।
बाद में मुखबिर से जानकारी कर पुलिस मौके पर पहुंची तो पुलिस को देखकर गोतस्कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से एक गाय कटी हालत में बरामद की। पास ही छुरा बरामद किया गया। पुलिस की सूचना पर पहुंचे वेटनरी डॉक्टर भूदेव ने शव का परीक्षण किया। बाद में गाय के शव को दबवा दिया गया। एसओ लिसाड़ी गेट का कहना है कि गोतस्करों पर केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस पर मिलीभगत का आरोप
सीअी कोतवाली ने आसपास के लोगों से पूछताछ की तो लोगों ने पुलिस पर मिलीभगत के आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। लोगों के अनुसार शहर के कई थाना क्षेत्रों में सिपाही काफी समय से जमे हैं। रात में तस्कर गाय को लाते हैं। जो अलग-अलग स्थानों पर गाय काटते हैं। फिर तराजू से तोलकर गाय के मीट को बेचा जाता है।
बवाल न करा दे गोकशी
इत्तफाकनगर में गोकशी कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले सद्दीक नगर, ऊंचा सद्दीक नगर और श्यामनगर में गोकशी होती पकड़ी जा चुकी है। भावनपुर के जई और औरंगाबाद में कई बार गोकशी को लेकर बवाल हो चुका है। परतापुर में एक माह पहले गोतस्कर पुलिस पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे। पुलिस ने मौके से कटी हुइ गाय, बाइक और तराजू भी बरामद किया था। गोकशी रोकने को लेकर पुलिस अफसर दावे तो बड़े-बड़े करते हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाती। भाजपा और हिंदू संगठन कई बार अफसरों का घेराव कर चुके हैं, लेकिन पुलिस जांच कर कार्रवाई की बात कहकर पीछा छुड़ा लेती है।