खिर्वा रोड पर बृहस्पतिवार दिनदहाडे़ बदमाशों ने एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने पहले चार महिलाओं को बंधक बनाकर लूटपाट की। फिर एक महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े, तब जाकर बदमाश महिलाओं को छोड़कर भागे।
ब्रह्मपुरी थानाक्षेत्र की तीन महिला, एक युवती और एक युवक कंकरखेड़ा इलाके में खिर्वा रोड पर गए थे। आरोप है कि हथियारों से लैस तीन बदमाशों ने उनको बंधक बनाया और उनके गहने लूट लिए। उसके बाद एक बदमाश युवती को उठाकर ईख में खेत में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। महिलाओं ने शोर मचाया तो आसपास के लोग वहां पहुंचे। उन्हें देखकर बदमाश भाग गए।
महिलाएं युवती को अर्द्धनग्न हालत में खेत से बाहर लाईं। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। कंकरखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित महिला और युवती ने आपबीती बताई, बावजूद पुलिस की नींद नहीं टूटी। पुलिस ने बदमाशों की तलाश नहीं की, बल्कि मामले को दबाने की जुगत में लग गई। पुलिस ने पीड़ितों को घटनास्थल से उनके घर पर पहुंचाया और रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की।
अस्पताल की बात कहकर घर भेजी महिलाएं
घटनास्थल पर पहुंचे इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा एसके राना ने महिलाओं को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने की बात कहकर पुलिस जीप में भेजा था। लेकिन सच यह है कि पुलिस ने महिलाओं को कोई मेडिकल नहीं कराया और गुपचुप तरीके से उनको ब्रह्मपुरी में छुड़वाया।
गरीब परिवार से हैं महिलाएं
पुलिस के पहुंचने से पहले लोगों ने महिलाओं को बंधन मुक्त कराया था। लोगों के पूछने पर महिलाओं ने बताया कि वह कूड़ा एकत्र कर अपने परिवार का पेट पालती हैं। लोगों का कहना है महिलाओं की गरीबी हालत का फायदा उठाकर पुलिस ने मामले को दबाया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो थाने का घेराव किया जाएगा।
पुलिस की खामोशी पर सवाल
बदमाशों की इस दुस्साहसिक वारदात पर पुलिस ने खामोशी की चादर ओढ़ी है। महिलाओं का दर्द सुनकर भी पुलिस का दिल नहीं पसीजा। पुलिस ने ऐसा क्यों किया, यह सवाल लोगों के जेहन में चुभ रहा है। इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा ने बताया कि थाने में तहरीर आएगी, तभी मुकदमा दर्ज होगा।