नौकरी के नाम पर महिला से गैंगरेप का मामला फर्जी निकला। पुलिस ने षड्यंत्र में शामिल महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं एक सरकारी डॉक्टर, एक अधिवक्ता और एक दलाल की गिरफ्तारी में पुलिस जुटी है। पूरी साजिश जेल में बंद एक हत्यारोपी के इशारे पर गवाह को फंसाने के लिए रची गई थी।
घंटाघर स्थित एसपी सिटी ऑफिस में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी डीसी दूबे ने खुलासा करते हुए बताया कि 28 नवंबर 2013 को ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में बिलाल हत्याकांड हुआ था। जिसमें हत्यारोपी नजाकत समेत अन्य जेल में बंद हैं।
नजाकत के खिलाफ बिलाल की तरफ से शाहिस्ता पैरवी कर रही है, जबकि सलमान उर्फ जावेद हत्याकांड का गवाह है। नजाकत ने जावेद से समझौता करने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रहा। इसके बाद उसने अपने दोस्त हाजी मरगूब पुत्र अनवार निवासी जाकिर कॉलोनी के साथ मिलकर जावेद को फंसाने के लिये गैंगरेप की पटकथा जेल में रची। मरगूब उक्त महिला को पहले से जानता था।
झूठा आरोप लगाने वाली पूजा पत्नी शेखर दिल्ली थाना खजूरी भजनपुरा के बजाय मूलत: थाना लिसाड़ी गेट हुमायूंनगर की रहने वाली है। उसकी मुजफ्फरनगर में शादी हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। पति से 2009 में तलाक हो चुका है। मरगूब ही पूजा को समय-समय पर रुपये दिया करता था।
मरगूब ने ही उसे रुपयों का लालच देकर तैयार किया। मरगूब ने ही चंद्र प्रकाश निवासी खरखौदा कांशीराम आवासीय योजना, मूल निवासी थाना खजूरी दिल्ली को पूजा का भाई बनने को कहा। पूरी पटकथा के लिये तीन लाख रुपये में डीलिंग होना बताया जा रहा है।
नहीं पी लस्सी, आरोपियों के साथ खाया पिज्जा
एसएसपी ने बताया कि पूजा ने अपने पहले बयान में आरोपी के साथ लस्सी पीने की बात कही थी, जबकि उसने चंद्र प्रकाश और मरगूब के साथ शास्त्रीनगर स्थित डोमिनोज पर पिज्जा खाया था, जोकि सीसीटीवी कैमरा फुटेज में है। बिल भी पूजा के ही नाम पर है। बयान में खुद को मूर्छित बताने वाली पूजा दरअसल खुद पैदल चलकर हाजी मरगूब और उसके दोस्त अब्दुल अली के साथ जिला अस्पताल पहुंची थी। जहां सरकारी डॉक्टर यशवीर सिंह ने पूजा का फर्जी मेडिकल किया। डॉक्टर ने एक वकील और आरोपियों के साथ मिलकर उसके कपड़ों पर गोंद डाला, ताकि प्रथम दृष्टया मामला गैंगरेप जैसा प्रतीत हो।
मजिस्ट्रेट के सामने बोली, नहीं हुआ गैंगरेप
बुधवार को पुलिस के सामने 161 के बयान देते हुए खुद के साथ गैंगरेप बताने वाली पूजा के सुर 24 घंटे में ही बदल गए। बृहस्पतिवार को मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान देते हुए स्वीकार किया कि उसने थाना देहली गेट में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। उसके साथ सलमान, भूरा और आबिद ने कोई गैंगरेप नहीं किया।
चार आरोपी गिरफ्तार, तीन अब भी दूर
एसएसपी ने बताया कि हाजी मरगूब, अब्दुल अली निवासी एल ब्लॉक शास्त्रीनगर, चंद्र प्रकाश और पूजा को गिरफ्तार कर लिया है। वकील, सरकारी डॉक्टर और एक फार्मासिस्ट की गिरफ्तारी के बारे में पूछने पर कहा कि सभी की शीघ्र ही गिरफ्तारी की जाएगी।