प्रॉपर्टी डीलर फुरकान के फर्जी अपहरण का खुलासा होने के बाद सोमवार को एसपी सिटी ने उसे मीडिया के सामने पेश किया। बताया कि फुरकान ने अपने तीन पार्टनरों के साथ मिलकर इसकी पटकथा रची थी। जबरन जमीन पर कब्जा लेने के लिए सतवीर को फंसाने की प्लानिंग बनाई थी। पूरी कहानी बसपा नेता आरिफ जौला जैसी ही निकली।
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी व सीओ कोतवाली कुमार रणविजय सिंह ने सोमवार को प्रेस वार्ता में भवानी नगर निवासी फुरकान को पेश किया। दोनों अफसरों ने बताया कि लिसाड़ी गांव निवासी सतवीर की 70 बीघा जमीन पर फुरकान ने कॉलोनी काटी थी। फुरकान ने अपने तीन पार्टनरों के साथ मिलकर कई लोगों को प्लॉट भी बेचे। पूरा पैसा न मिलने पर सतवीर ने कॉलोनी में प्लॉट पर निर्माण होने पर एतराज जताया था। जिसको लेकर फुरकान और उसके पार्टनरों पर काफी दबाव था।
बाइक खड़ी कर दिल्ली भागा
फुरकान ने अपने खुद के अपहरण की पटकथा पार्टनरों हसीन, डॉ. सलीम और इमरान के साथ मिलकर रची थी। जिसमें सतवीर को फंसाने का प्लान बनाया था। फुरकान ने अपने गायब होने से पहले अपनी बाइक सतवीर के गांव में चुपचाप जाकर खड़ी की और दिल्ली अपने दोस्त अनीस के पास चला गया। उसके पार्टनर लगातार अनीस के संपर्क में थे। सर्विलांस की जांच के बाद पुलिस ने रविवार को फुरकान को दरियागंज दिल्ली से बरामद किया।
86 लाख की थी देनदारी
पुलिस के मुताबिक फुरकान पर 86 लाख रुपये की देनदारी है। कॉलोनी में प्लॉट खरीदने वालों की फुरकान ने पावर ऑफ अटार्नी तो कर दी। लेकिन निर्माण में सतवीर ने अड़ंगा लगा दिया था। जिसके चलते लोग फुरकान से अपने पैसा वापस मांगने लगे थे। जिसको लेकर फुरकान ने इस अपहरण की प्लानिंग बनाई।
माहौल खराब का जिम्मेदार कौन
तीन दिन तक लिसाड़ी गेट में फुरकान के परिजनों ने हंगामा किया। सड़क पर जाम लगाया, थाने में तोड़फोड़ और आगजनी का प्रयास तक किया। पुलिस ने बताया कि इस मामले को कई लोगों ने सांप्रदायिक तूल देने का भी प्रयास किया। पुलिस ने उनकी वीडियोग्राफी कराई थी। उसके आधार पर 120 लोगोें पर केस दर्ज होगा।
सतवीर को दी क्लीनचिट
इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट चंद्रभान यादव ने बताया कि फुरकान की पत्नी नाहिदा की तहरीर पर 13 जनवरी को सतवीर व सोहनवीर उर्फ प्रधान निवासी लिसाड़ीगेट के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। दोनों लोगों को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है।
थाने से दे दी जमानत
फुरकान पर आईपीसी की धारा 420 (छल करना) 193 (मिथ्या साक्ष्य के लिए दंड) 211 (क्षति करने के आशय से अपराध का मिथ्या आरोप) धारा लगाई गई हैं। हालांकि फुरकान को पुलिस ने थाने से ही जमानत दे दी।
प्रशासन से कराएंगे जांच
सीओ कोतवाली रणविजय सिंह ने बताया कि जिस कॉलोनी को लेकर फुरकान व सतवीर का विवाद है। इसको लेकर पुलिस की कई बार मीटिंग भी हुई थी। इस कॉलोनी को लेकर प्रशासन से जांच कराई जाएगी, ताकि फिर कोई बड़ा बखेड़ा न खड़ा हो।