रोहटा रोड पर बृहस्पतिवार दिनदहाड़े चलते टेंपो में बदमाशों ने पिता के सामने युवा पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी। पिता-पुत्र ब्याज की रकम वसूलकर लौट रहे थे। बदमाशों ने हत्या के बाद युवक से 50 हजार रुपये लूट लिए। पुलिस ने वारदात के छह घंटे बाद इसे वर्कआउट करते हुए चार आरोपी गिरफ्तार कर लिए। पुलिस के अनुसार 14 हजार रुपये लूटे गए थे, जो बरामद कर लिए गए।
पुलिस के अनुसार मुरादाबाद के कांठ थानाक्षेत्र के बेगमपुर गांव निवासी सतीश शर्मा (38) और उसके पिता राधेश्याम शर्मा ने रोहटा रोड पर पूठखास गांव में ब्याज पर लाखों रुपये दे रखा है। बृहस्पतिवार सुबह करीब 9:15 बजे बजे पिता-पुत्र पूठखास से ब्याज का पैसा वसूलकर टेंपो से लौट रहे थे। टेंपो में तीन युवक पहले से बैठे थे। लखवाया गांव के पास इनमें से दो युवकों ने सतीश से नोटों से भरा बैग छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाशाें ने सतीश को गोली मारकर बैग लूट लिया। टेंपो के पीछे बाइक से आ रहे साथी के साथ हत्यारोपी फरार हो गए। मौके पर पहुंची कंकरखेड़ा पुलिस घायल सतीश को लेकर निजी अस्पताल पहुंची, जहां उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। लूट के बाद हत्या की जानकारी लगते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
छह घंटे बाद वारदात का खुलासा
सीओ दौराला और इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा ने सर्विलांस के जरिये चार आरोपियों अंकित पुत्र नत्थन सिंह निवासी गंगसोना फलावदा, विनय शर्मा उर्फ बजरंग पुत्र बाबू लाल, सचिन कुमार पुत्र रतन सिंह निवासी दायमपुर कंकरखेड़ा व चंद्रपाल निवासी पूठखास को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तीन तमंचे व बाइक बरामद कर ली। आरोपियों ने लूट के बाद सतीश की हत्या करना कबूल कर लिया।
6 लाख की सूचना, निकले 14 हजार
सीओ दौराला बीएस वीर कुमार के अनुसार पिता-पुत्र पूठखास में ब्याज पर मोटी रकम देते थे। जिनकी आरोपी कई समय से रैकी कर रहे थे। चंद्रपाल ने अपने साथियों को सूचना दी थी कि पिता-पुत्र 6 लाख रुपये लेकर जाएंगे। चंद्रपाल ने इसके एवज में दो लाख रुपये का हिस्सा मांगा था। जिसके बाद टेंपो में अंकित और विनय पिता-पुत्र के साथ बैठे थे। लखवाया में उनका साथी सचिन बाइक लेकर खड़ा था। वारदात के बाद जब हत्यारोपियों ने बैग खोलकर देखा तो उसमें 14 हजार रुपये ही निकले।
ऐसे पकड़े हत्यारोपी
इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल के अनुसार बदमाश सचिन की दायमपुर गांव के बॉबी से जान पहचान थी। चंद्रपाल ने जरूरी काम बताकर बॉबी से बाइक ली थी। जिसका नंबर टेंपो चालक ने नोट कर लिया था। यह बाइक न्यू गोविंदपुरी निवासी शारदा देवी के नाम थी। पुलिस जब वहां पहुंची तो पता चला कि यह बाइक कुछ दिन पूर्व बॉबी को बेची गई थी। इसके बाद पुलिस बॉबी के सहारे दायमपुर के जंगल में हत्यारोपियों तक पहुंच गई। पुलिस के अनुसार वारदात के बाद बाइक की नंबर प्लेट चेंज नहीं की गई थी।
सीने में मारी थी गोली
सतीश पर पहली गोली विनय ने तमंचे से चलाई, जो मिस हो गई थी। बैग न छोड़ने पर अंकित ने सतीश के सीने से तमंचा सटाकर गोली मारी थी। अंकित 12 वीं पास है जबकि सचिन 10 वीं फेल और विनय मात्र छठी पास है। तीनों आरोपी टेंपो चलाते है। जबकि चंद्रपाल किसान है। अंकित पहले भी लूट में जेल जा चुका है।
...अरे मुझे ही मार देते
टेंपो में सतीश आगे की सीट पर और पिता राधेश्याम पीछे बैठे थे। वारदात इतनी जल्दी हुई कि पिता को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। सतीश की मौत की खबर पर पिता बिलखते बोला कि बदमाशों को अगर लूटना ही था तो बैग ले जाते, गोली क्यों मारी और अगर गोली मारनी ही थी तो उसमें मार देते। वह इस उम्र में और जीकर क्या करेगा। परिवार के अन्य लोग भी मेरठ पहुंचे। जिनका रो रोकर बुरा हाल है। सतीश शादीशुदा था। पत्नी अनीता गृहिणी है जबकि बेटा मोनू एम कॉम और बेटी सिम्पी बीएससी की पढ़ाई कर रही है। छह भाईयों में सतीश सबसे बड़ा था।