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रेड लाइट एरिया में सभी कोठों पर लगे ताले, लेकिन अब शहर में फैल गई 400 सेक्स वर्कर्स

Wed, 05 Jun 2019 03:51 AM IST
Gaurav sharma गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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रेड लाइट (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में कबाड़ी बाजार स्थित रेडलाइट एरिया में सेक्स वर्करों को भगाया। लेकिन वो अपने घर नहीं लौटीं। कोठों पर पुलिस के ताले लगे हैं और सेक्सवर्करों के ठिकाने निर्धारित नहीं हुए। रेस्क्यू करने वाली दिल्ली की एक टीम गुपचुप तरीके से कोठों से निकली लड़कियों की तलाश करने में जुटी है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट भी चौंकाने वाली है। बताया कि कोठों से निकलने वाली सेक्सवर्कर शहर के कई पॉश इलाकों में किराये पर मकान लेकर रह रही है, जहां पर उनका धंधा चल रहा है। जिसके चलते पाश इलाकों का माहौल दिनोंदिन खराब होता जा रहा है। जिसका सोसाइटी पर बहुत खराब असर पड़ने लगा है। इसका ताजा उदाहरण कि एएचटीयू ने हाल में ही कई घरों में छापेमारी कर कई लड़कियां को रेस्क्यू कराया है।

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कहां गई सेक्स वर्कर, नहीं ली सुध
मेरठ रेड लाइट एरिया में हाईकोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक 400 सेक्स वर्कर थी, जिनके 75 कोठे बताए थे। हाईकोर्ट के आदेश पर हाल में रेडलाइट एरिया में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई हुई। 57 कोठों पर पुलिस ने सील लगा दी। पुलिस की कार्रवाई से पहले कोठों से सेक्स वर्कर गायब हो गई। सवाल बड़ा है कि आखिर सेक्स वर्कर कहां गई, इसकी सुध लेना भी पुलिस प्रशासन ने मुनासिब नहीं समझा।

शिफ्ट हो गई पॉश इलाके में
रेडलाइट एरिया से सेक्सवर्करों को हटाया, यह वाकई सराहनीय काम था। लेकिन अधिकांश सेक्स वर्कर शहर के पॉश इलाकों में शिफ्ट हो गई है, जोकि सोसाइटी के लिए बहुत गलत हो रहा है। पुलिस के मुताबिक शास्त्रीनगर, गंगानगर, माधवपुरम समेत कई जगहों पर किराये का मकान लेकर यह सेक्स वर्कर रहने लगी हैं। मोबाइल से कॉल करके ग्राहकों को पॉश इलाके में बुलाया जा रहा है। जिसका खराब मेसेज सोसाइटी में जा रहा है।
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रेस्क्यू टीम ढूंढ रही सेक्सवर्करों को
दिल्ली की एक एनजीओ ने एक सप्ताह पहले मेरठ पुलिस और स्थानीय एनजीओ से संपर्क साधा। जिन्होंने कोठों से निकली लड़कियां की जानकारी जुटाई। उनकी जांच में सामने आया कि कोठों से निकली लड़कियां शहर में अलग-अलग जगहों पर किराये के मकान में रहकर धंधा चल रही है। इसको लेकर कई दलाल भी शहर में सक्रिय हो गए हैं। जिसके बाद दिल्ली की यह रेस्क्यू टीम गुपचुप तरीके से सेक्सवर्करों को ढूंढ रही है।

एएचटीयू की टीम भी बनी
रेडलाइट एरिया से निकली सेक्सवर्कर कहां गईं, इसकी जानकारी जुटाने के लिए एंट्री ह्ह्मूमन ट्रैफिकिंग टीम एक्टिव हो गई है। उन्होंने अपना मुखबिर तंत्र भी तेज कर दिया। ब्रह्मपुरी, टीपीनगर, गंगानगर समेत कई थाना पुलिस से संपर्क साधा है। पुलिस की टीम कोठों से निकली हुई सेक्सवर्करों की तलाश में लगी हैं।

कोठे से निकली लड़की मकान में मिली
हाल में ही पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की। जहां से किराये पर रहती सेक्सवर्करों को पकड़ा। कंकरखेड़ा में दो कोठियों में लड़कियां पकड़ी थी, जिन्हें पुलिस ने मुक्त कराया। इससे पहले ब्रह्मपुरी पुलिस ने माधवपुरम में छापेमारी की। जहां से किराये के मकान में सेक्स रैकेट पकड़ा।

कोई सेक्स वर्कर घर नहीं पहुंची
हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुनील चौधरी की रिपोर्ट के मुताबिक मेरठ रेडलाइट एरिया में नेपाल, राजस्थान और कोलकाता निवासी है। इसके अलावा सदर बाजार, कंकरखेड़ा सहित कई जगहों की लड़कियां भी रेडलाइट एरिया में रहने वाली बताई गई है। बड़ा सवाल है कि कोठों से निकली कोई सेक्स वर्कर अपने घर पहुंची या नहीं, इसकी कोई जांच नहीं हुई।
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ध्यान दें, आपके पास कौन रहते हैं
लोगों को ध्यान रखने की जरूरत है, खासतौर पर पॉश इलाके में। उनके बगल वाले मकान में किराये पर कौन आकर रहने लगे हैं। जिसका असर आपके बच्चे और परिवार पर भी पड़ सकता है। पुलिस कहती है कि अगर कोई संदिग्ध बात दिखाई दे, तुरंत 100 नंबर या फिर संबंधित थाना पुलिस को सूचना दें। ताकि मकान में रहने वाले लोगों का वेरिफिकेशन करा जा सके।

ऐसी कोई जानकारी नहीं
रेडलाइट एरिया में 57 कोठों पर सील लगाई जा चुकी है। सेक्स वर्कर शहर से बाहर गई, ऐसी कोई जानकारी पुलिस के पास नहीं है। किसी के आसपास कोई गलत काम हो रहा हो, उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। 24 घंटे पुलिस सेवा में तत्पर है। रामकुमार, आईजी मेरठ रेंज

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