हस्तिनापुर सेंक्चुरी में शनिवार को पाड़ा हिरन क ा शिकार करने के मामले में गिरफ्तार तीन शिकारियों को रविवार को अवकाश होने के बावजूद एसीजेएम-सप्तम की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने तीनों शिकारियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
वन विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार शनिवार रात करीब 9 बजे विभाग की टीम को हस्तिनापुर वन्य जीव विहार के गांव लुकाधड़ी में गन्ने के खेत में हिरन के शिकार की सूचना मिली थी। शिकार की पुष्टि होने पर क्षेत्रीय वन अधिकारी ने टीम के साथ लुकाधड़ी गांव व उसके आसपास के इलाके में छापामारी अभियान चलाया। दबिश में टीम ने लुकाधड़ी गांव के पास तीन आरोपी शिकारियों रोहताश पुत्र जयपाल, रूपचंद पुत्र दौलत, सोनू पुत्र रणजीत निवासी कुंडा को दबोच लिया।
दो सींग और छुरी बरामद
तीनों शिकारियों के कब्जे से नर पाड़ा के दो सींग व छुरी बरामद हुई। जिनमें एक सींग की लंबाई 42 सेमी, गोलाई 12 सेमी और दूसरे सींग की लंबाई 43 सेमी व गोलाई 12.5 सेमी थी।
शिकारियों ने यह कबूला
शिकारियों ने बयान में कुबूल किया कि दो दिन पहले गांव में निम्मे सरदार के गन्ने के खेत में हाका लगाकर रस्से का जाल बांधकर उन्होंने एक नर पाड़ा का शिकार किया था। उसके शरीर को छुरी से काटकर मांस बांट लिया। आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
सेंक्चुरी में बड़ी संख्या में पाड़ा हिरन
हस्तिनापुर सेंक्चुरी में पाड़ा हिरन बड़ी संख्या में मिलता है। ज्यादातर यह सेक्ंचुरी के बफर जोन में रहता है। जहां से शिकारियों की नजर इस पर बहुत होती है। कई बार ये जंगली कुत्तों का शिकार भी बन जाते हैं।