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दो लाख की सुपारी देकर कराया था पिता का मर्डर

Wed, 05 Apr 2017 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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किसान बिजेंद्र उर्फ बिल्लू की हत्या का मंगलवार को पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया। बिजेंद्र की हत्या उसके ही बेटे आशीष ने दो लाख रुपये की सुपारी देकर कराई। इस मामले का दूसरी तरफ दर्शाने के लिए उसने अपने सगे मामा का नामजद कर दिया था। पुलिस ने आशीष को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य दो साथियों की तलाश में दबिश जारी है।
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एसपी देहात श्रवण कुमार सिंह ने मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि 19 फरवरी की रात रोहटा गांव निवासी बिजेंद्र उर्फ बिल्लू की हत्या जंगल में हुई। बिजेंद्र के बेटे आशीष ने अपने मामा पप्पू निवासी चिंदौडी लावड़ और अमित पर हत्या का अंदेशा जताकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल करने में जुट गई। सर्विलांस में हत्या करने का शक आशीष और उसके दोस्तों पर गहराया। जिस पर पुलिस ने आशीष को गिरफ्तार कर पूछताछ की।
पुलिस की पूछताछ में आशीष ने बताया कि उसने गांव के सौरभ चौधरी उर्फ सोनू और आदित्य राठी को दो लाख रुपये की सुपारी देकर पिता बिजेंद्र की हत्या कराई। सौरभ ने आशीष को फोन कर बिजेंद्र को ट्यूबवेल पर बुलाया था, जहां उसको जमकर शराब पिलाई गई। उसके बाद सौरभ और आशीष ने बिजेंद्र की गोली मारकर हत्या की। पुलिस ने सौरभ और आशीष की तलाश में कई जगहों पर दबिश दी, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस जल्द ही उनका गिरफ्तार कर लेगी।
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खेत में लाश फेंकी और घर सो गए आरोपी
दोनो आरोपियों के साथ जंगल में आशीष भी था। ट्यूबवेल पर बिजेंद्र की हत्या की और उसकी लाश को उन्होंने इकबाल के खेत मेें फेंका। ताकि शक न हो कि ट्यूबवेल पर शराब पी गई। हत्या के बाद तीनों आरोपी अपने अपने घर पर जाकर सो गए। सुबह शव मिलने की जानकारी पर तीनों मौके पर पहुंचे और नाटक बाजी भी की। हंगामा करने वालों में यह तीनों सबसे आगे थे।

आरोपी बेटा बोला, बर्बाद हो गए थे
पुलिस पूछताछ में आरोपी आशीष ने बताया कि उसके पिता बिजेंद्र पर 60 बीघा जमीन थी। बिजेंद्र शराब पीने के चक्कर में 17 बीघा जमीन बेच चुका था। वह अपनी मां बबीता 15 साल अपने मामा पप्पू के घर पर चिंदौड़ी रहा। बिजेंद्र सारी जमीन बेच देगा, इसके डर से उसने अपने पिता की हत्या करने की प्लानिंग बनाई। बिजेंद्र का झगड़ा उसके मामा से होता था, इसका फायदा उठाकर उसने अपने मामा को नामजद कराया था।

तीन माह पहले बना था प्लान
पुलिस के मुताबिक आरोपी आशीष ने बताया कि सौरभ और आदित्य गांव में दूध की डेयरी खोलना चाहते थे। सौरभ ने आशीष से कहा कि तू हमको दूध की डेयरी खोलने में मदद कर दे, इसके बदले में हम तेरे पिता की हत्या कर देंगे। आशीष उनको 40 हजार रुपये भी दे चुका था। 160 लाख रुपये वारदात करने के बाद देना तय हुआ था। लेकिन भंडाफोड़ होने के चलते सौरभ का पैसा नहीं मिला।

दादा ने पूछा था डरा हुआ क्यों है तू?
आशीष 11 का छात्र है। तीन साल पहले ही आशीष अपनी दो बहन शिखा, वंशिका और अपनी मां बबीता को लेकर रोहटा गांव में पिता बिजेंद्र के पास आया। बिजेंद्र की हत्या के बाद आशीष घर आया तो उसको दादा ने रोका था। दादा ने पूछा भी थी कि आशीष आज तू इतना डरा हुआ क्यों है। जिस पर आशीष बोला कि कुछ नहीं मेरी तबियत खराब है। जिसके बाद वह अपने कमरे में गया, लेकिन उसको रातभर नींद नहीं आई।
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