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पढ़िए, फर्जी अपहरण और गैंगरेप की वारदात का षड्यंत्र किसने रचा

Tue, 21 Feb 2017 06:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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हाईवे पर महिला के साथ फर्जी अपहरण और गैंगरेप की वारदात का षड्यंत्र रचने के मामले में पुलिस ने महिला के पति और सारथी संस्था की अध्यक्ष के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। दोनों नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ने सख्त निर्देश दिए हैं।
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पल्लवपुरम थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने 15 फरवरी को अपहरण होने के बाद गैंगरेप का आरोप लगाया था। कंकरखेड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जांच में घटनास्थल लालकुर्ती इलाके का बताया गया, तो मुकदमा लालकुर्ती थाने में ट्रांसफर हो गया था। शनिवार को पुलिस ने महिला के कोर्ट में बयान दर्ज कराए तो वह गैंगरेप होने की बात से पलट गई थी। पुलिस के अनुसार महिला ने अपने बयानों में दावा किया है कि फर्जी गैंगरेप की वारदात की पटकथा उसके विकलांग पति ने रची थी। उसने यहां तक धमकी दी थी कि यदि वह गैंगरेप का आरोप लगाकर पुलिस के सामने नहीं गई तो वह उसे तेजाब से नहलाकर उसकी जिंदगी तबाह कर देगा। पति ने कहा था कि गैंगरेप की वारदात का षड्यंत्र रचकर पहले सरकार से पांच या दस लाख रुपये लेंगे। बाद में आरोपियों से भी मोटी रकम वसूलेंगे।

पहली धाराएं हटीं, दूसरी जुड़ीं
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने रविवार को बताया कि महिला द्वारा दर्ज कराए मुकदमे से सभी धाराएं खत्म कर दी गई हैं। साथ ही विवेचक की तरफ से इसी मुकदमे में कथित पीड़िता के बयानों के आधार पर महिला के पति शमशाद के खिलाफ जानलेवा हमला, तेजाब डालने की धमकी, गैंगरेप का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए उकसाना, फर्जी तरह से अपहरण का आरोप लगाना और सारथी संस्था की अध्यक्ष कल्पना पांडे के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचना (120 बी आईपीसी) के तहत धाराएं बढ़ाई गई हैं। दोनों आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी।
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कॉल डिटेल में फंसा आरोपी
पुलिस अफसरों के अनुसार यह पूरा मामला पहले से संदिग्ध था। महिला बार-बार बयान बदल रही थी। उसकी लोकेशन रात में अलग-अलग स्थानों पर जरूर मिली। बाद में महिला का पति भी कॉल डिटेल में फंस गया। जिसने 17 फरवरी को फोन पर कहा था, जो प्लानिंग बनाई वह पूरी हो गई। पुलिस की जांच में सामने आया है कि दो महिलाओं का यह आरोपी पति मोटी रकम वसूलने के चक्कर में था।

संस्था का हो सकता है रजिस्ट्रेशन रद्द
एसएसपी ने बताया कि कोर्ट में गैंगरेप की घटना को सही ठहराने के लिए सारथी संस्था की अध्यक्ष कल्पना पांडे ने पीड़िता पर दबाव बनाया था। पुलिस के पास इसकी रिकॉर्डिंग भी है। इस संस्था का रजिस्ट्रेशन निरस्त कराने के लिए भी पत्र लिखा जाएगा।
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