फैक्ट्री मालिक की हत्या के मुख्य आरोपी ने सोमवार को लिसाड़ीगेट थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। आरोपी ने पुलिस को हत्या में प्रयुक्त पिस्टल भी सौंप दी है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बताया कि अगर वह दिलशाद को नहीं मारता तो उसकी हत्या हो जाती। पुलिस ने नामजद फरार दोनों आरोपियों की तलाश में भी दबिश दी है।
लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र के चमन कॉलोनी गली नंबर 3 निवासी दिलशाद की कांच का पुल पर रविवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सोमवार को युवा सेवा समिति के अध्यक्ष बदर अली व कार्यकर्ता मुख्य आरोपी नौशाद को लेकर लिसाड़ीगेट थाने पहुंचे। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि छह महीने पहले दिलशाद को दस हजार रुपये उधार दिए थे। रविवार को पैसे से संबंधित बातचीत करने के लिए दिलशाद आया था। पैसा मांगा तो दिलशाद ने उसे थप्पड़ मार दिया। जिस पर आरोपी ने दिलशाद की ही पिस्टल से उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या उसने अकेले करना बताया है। इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट चंद्रभान यादव का कहना है कि पीड़ित परिवार ने नौशाद, सूबेदार, यामीन और शहजाद निवासी किदवईनगर के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस चारों को गिरफ्तार कर जेल भेजेगी। नामजद आरोपी सूबेदार भी घायल हुआ था। जिसे पुलिस ने रविवार को ही हिरासत में ले लिया था।
सूबेदार का भाई है मुख्य आरोपी
पुलिस के मुताबिक दिलशाद और सूबेदार ने पार्टनरशिप में प्लास्टिक का दाना बनाने की फैक्ट्री लगा रखी थी। रविवार रात 9:30 बजे सूबेदार ने फोन कर दिलशाद को फैक्ट्री में बुलाया था। जहां पर पहले से नौशाद बैठा हुआ था। छह माह से चल रहे विवाद को सूबेदार निपटाना चाहता था। सूबेदार इस वारदात का चश्मदीद बताया गया है। पुलिस ने सूबेदार से भी पूछताछ की है, जिसमें उसने दावा किया है कि पिस्टल दिलशाद ही लेकर आया था। सूबेदार मुख्य आरोपी नौशाद का भाई है।