एडी मंजू वैश्य ने शुक्रवार को भावनपुर सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीएचसी पर एक्सपायरी दवा मिलीं, जिन्हें मरीजों को दिया जा रहा था। एडी ने इसकी लिए सीएचसी प्रभारी को जमकर फटकार लगाई। निरीक्षण की रिपोर्ट सीएमओ को भेजी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान सीएचसी में जगह-जगह गंदगी के ढेर मिले। वहीं इमरजेंसी पर ताला लगा था। जब उसे खुलवाया तो वहां जरूरी चिकित्सीय उपकरण भी नहीं मिले। हिमोग्लोबिन का इंजेक्शन और दवा के स्टॉक में भरी कमी मिली। मरीजों के रजिस्टर में भी गड़बड़ी मिली। इसके अलावा अधिकांश कार्यालय के बाहर लगी नेम प्लेट पर पुराने स्टाफ का नाम लिखा मिला। ये सब खामियां मिलने पर एडी ने सीएचसी प्रभारी डॉ. एपी सिंह और स्टाफ की जमकर क्लास ली और व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश दिए। वहीं सीएचसी में चल रही पांच दिवसीय आशा कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग की भी एडी ने जानकारी ली। साथ ही आशा से संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाले। चिकित्सा प्रभारी एसपी सिंह ने बताया कि आशा की ट्रेनिंग के लिए पहला बैच शुरू हुआ है। जिसमें 30 आशा कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी गई। दूसरा बैच 16 मार्च सेे शुरू होगा। एडी के साथ डॉ. ज्योत्सना गर्ग और डॉ. अंजू जोधा भी मौजूद रहीं।
एडी के जाते ही सीएचसी से स्टाफ गायब
ग्रामीणों का कहना है कि शुक्रवार सुबह जब एडी सीएचसी पर पहुंची थीं तो सारा स्टाफ मौजूद था। एडी के जाते ही सारा स्टाफ भी वहां से गायब हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि रोज शाम ढलते ही सीएचसी के दरवाजों पर ताले लटके नजर आते है।