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एक साल में साइबर अपराध ढाई गुना बढ़ा, आप कभी न करें ऐसी गलती

Wed, 04 Jan 2017 12:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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एक साल में साइबर अपराध करीब ढाई गुना बढ़ गया। जहां क्रेडिट या डेबिट कार्ड का मिसयूज कर ऑनलाइन शॉपिंग कर ठगी की गई। वहीं, बैंक के नाम पर एटीएम कार्ड और एकाउंट ब्लॉक होने का झांसा देकर की गई कॉल से खाते से पैसा साफ कर दिया गया। फेसबुक और व्हाट्सएप पर अश्लील फोटो डालकर ब्लैकमेल करने के मामले भी सामने आए।
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क्राइम ब्रांच के साइबर सेल के प्रभारी कर्मवीर सिंह के अनुसार वर्ष 2015 में करीब 168 शिकायतें सेल में आयी थीं। जिनमें 21 मामले फेसबुक और चार मामले फर्जी ई-मेल आईडी से जुड़े थे। ऑनलाइन ठगी के मामले में सेल ने सेल ने पीड़ित लोगों के खाते में 4.98 लाख रुपये वापस कराए। वर्ष 2016 में करीब 400 शिकायतें सेल में दर्ज की गईं। जिनमें फेसबुक के 29 और ई-मेल के आठ मामले रहे। ऑनलाइन ठगी के मामलों में सेल ने 13.60 लाख रुपये पीड़ित लोगों के खाते में वापस कराए।

बिना सोचे समझे जानकारी देना खतरनाक
ऑनलाइन ठगी के मामलों में सबसे ज्यादा बैंक का नाम लेकर गुमराह किया जा रहा है। जिसमें बैंक के मैनेजर या किसी कर्मचारी का नाम लेकर कॉल कर कहा जाता है कि आपका एटीएम कार्ड जल्द ही ब्लॉक होने वाला है। यदि आप झंझट से बचना चाहते हो तो एटीएम कार्ड पर दर्ज 16 डिजिट का नंबर और पासवर्ड बता दें। बिना सोचे समझे यह जानकारी देने पर पल भर में ही आपके खाते से किसी दूसरे खाते में रकम ट्रांसफर हो जाती है। जिसका मेसेज पीड़ित के मोबाइल फोन पर आने पर ठगी का पता चलता है। डेबिट कार्ड का क्लोन बनाकर भी ऑनलाइन शॉपिंग करने के मामले सामने आते हैं। ऐसे में कहीं भी कार्ड स्वैप करते समय पूरी गोपनीयता बरतें।
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बैंक नहीं करता ऐसी कॉल
कर्मवीर सिंह का कहना है कि कोई भी बैंक फोन कॉल कर एटीएम कार्ड के नंबर आदि के बारे में जानकारी नहीं लेता। इसके लिए बैंक ही बुलाया जाता है। इसलिए जरूरी है कि ऐसी किसी फोन कॉल का जवाब देने के बजाय बैंक में जाकर ही सही स्थिति का पता करें।

24 घंटे में दें सूचना
ऑनलाइन ठगी होने पर 24 घंटे के अंदर साइबर सेल और पुलिस को सूचना देनी चाहिए। साइबर सेल के अनुसार यदि इस अवधि में शिकायत मिल जाती है तो खाते से ट्रांसफर हुई रकम को लौटाना आसान होता है।
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