हुमांयु नगर में फायरिंग के बाद क्षतिग्रस्त कार
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लिसाड़ी गेट का हुमायूं नगर शनिवार को बवाल की भेंट चढ़ गया। सपा विधायक के भतीजे द्वारा मकान पर जबरन कब्जे की कोशिश का आसपास के लोगों ने प्रबल विरोध किया। विधायक के भतीजे और उसके साथियों ने भीड़ को डराने के लिए पिस्टल तानीं तो लोगों का आक्रोश भड़क गया। हालात ऐसे बने कि एसओ लिसाड़ी गेट और अन्य पुलिस कर्मियों को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। करीब एक घंटे तक हुमायूं नगर फायरिंग से दहलता रहा।
आधा घंटे तक तो एसओ लिसाड़ी गेट रवेंद्र यादव ही मौके पर भीड़ को संभालने में जुटे रहे। लेकिन जब हापुड़ रोड से सटे शास्त्रीनगर सेक्टर -12 और 13 के लोग भी सड़कों पर उतरे तो अफरातफरी मच गई। एक तरफ हुमायूं नगर में ताबड़तोड़ फायरिंग से लोगों में दहशत थी तो दूसरी तरफ हापुड़ रोड पर एल ब्लॉक और आरटीओ रोड के सामने लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस पर हमला हुआ तो मचा हड़कंप
जब लिसाड़ी गेट के फैंटम सिपाही और दरोगा पर भीड़ ने हमला बोला तो एसएसपी, एसपी सिटी, एसपी क्राइम, शहर के सभी सीओ और थाना प्रभारी के अलावा भारी संख्या में फोर्स मौके पर पहुंच गई। इंस्पेक्टर नौचंदी हरशरण शर्मा, एसओ लिसाड़ीगेट और एसओ मेडिकल रविंद्र वशिष्ठ से कई बार भीड़ ने हाथापाई की कोशिश की। जिसके बाद हापुड़ रोड को पीएसी और आरएएफ के हवाले करते हुए नौचंदी थाना क्षेत्र की भीड़ को रोका गया।
घंटों तक रही अराजकता
हुमायूं नगर में घंटों तक अराजकता बनी रही। कभी पुलिस भीड़ को लाठी फटकार कर खदेड़ती को कभी लोग पुलिस को पथराव करते हुए दौड़ा लेते। भीड़ के आक्रोश का आलम यह था कि एसएसपी के जाने के बाद भी लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ। पुलिस पर भीड़ पथराव करती रही तो आसपास के मकानों पर चढ़कर भी लोगों ने हवाई फायरिंग की। बाद में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लाठी बरसायीं तो भीड़ अपने घरों में घुसी।