शाहबाज उर्फ शैरी चौधरी हत्याकांड का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। एसपी सिटी ने दावा किया कि यह कोई एलानिया मर्डर नहीं था। शहबाज और शोएब दोनों अपराधी थे। जेल में दोनों के बीच मारपीट हुई थी। जिसके बाद पनपी वर्चस्व की लड़ाई में शहबाज मारा गया। इस मर्डर केस में चार आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जिनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और चार कारतूस बरामद हुए हैं।
जेल में रंजिश, बाहर मर्डर
एसपी सिटी ओमप्रकाश ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में इसका खुलासा किया। बताया कि मार्च 2014 में जिमखाना मैदान के पास गाजियाबाद निवासी नेहा वर्मा का मर्डर हुआ था। जिसमें शोएब पुत्र याकूब निवासी गली नंबर-5 अहमद नगर लिसाड़ी गेट जेल गया था।
गली नंबर-17 चमड़ा पैंठ जाकिर कॉलोनी निवासी शाहबाज उर्फ शैरी चौधरी पुत्र आरिफ गद्दी भी बलवा, कातिलाना हमले की धाराओं और 25 आर्म्स एक्ट में जेल में था। जेल में रहने के दौरान दोनों के बीच गालीगलौज और मारपीट के बाद रंजिश पनप गई थी। जेल से छूटने के बाद दोनों सट्टा, कैसिनो और टेंपो चालकों से अवैध वसूली का धंधा करते थे। वर्चस्व की लड़ाई में दोनों एक-दूसरे को ठिकाने लगाने की फिराक में थे। जहां शोएब शैरी पर भारी पड़ गया और अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
ये हुए गिरफ्तार
शोएब, जुबैर पुत्र महमूद निवासी किदवईनगर लिसाड़ी गेट, शाहरुख उर्फ भूरा पुत्र सैय्यद नईम अख्तर निवासी रशीदनगर लिसाड़ी गेट और रिजवान पुत्र रहीसुद्दीन निवासी ऊंचा सद्दीक नगर, लिसाड़ी गेट। जावेद पुत्र शमशाद निवासी ऊंचा पीर, किदवई नगर फरार है।
पहली नामजदगी की जांच
एसपी सिटी ने बताया कि शैरी की हत्या 31 मई की रात हुई थी। जिसके बाद फईक, सारिक, राजू, तारिक, सुलेमान और ताहिर समेत सात लोगों को नामजद किया गया था। जिसकी जांच चल रही है। हत्या को शोएब समेत पांच आरोपियों ने अंजाम दिया था। हालांकि एसएसपी का कहना है कि महज नामजदगी के आधार पर किसी को गलत तरीके से जेल नहीं भेजा जाएगा।
‘वो मुझे मार देता’
प्रेस वार्ता में शोएब ने कहा कि शैरी उसे बार-बार जान से मारने की धमकी देता था। एक सप्ताह पहले शैरी ने अपने साथियों के साथ मिलकर हापुड़ अड्डे पर मुझ पर हमला करने की कोशिश की थी। अगर मैं उसे नहीं मारता तो वो मुझे मार देता।
शैरी छात्रनेता नहीं था
प्रेसवार्ता में मीडिया के सवाल पर एसपी सिटी ने कहा शैरी कोई छात्रनेता नहीं था। सीसीएसयू के छात्रों से उसकी दोस्ती थी। उसका विवि में सिर्फ आना-जाना था। इसकी पुष्टि जांच में हुई है।
कुख्यात है सलमान गैंग
पुलिस ने बताया कि लिसाड़ीगेट और कोतवाली इलाके में सलमान गैंग सक्रिय है। सलमान का चाचा आरिफ पार्षद है। पार्षद आरिफ ने अपनी निजी रंजिश के चलते शैरी मर्डर केस में अपने दुश्मनों को नामजद करा दिया था। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये जाम तक लगवाया। जिसमें 250 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ। शैरी भी सलमान के साथ घूमता था। यह गैंग खरखौदा, रेलवे रोड और सदर बाजार समेत कई इलाकों में दहशत फैलाने के लिये फायरिंग करता है।