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अंतर्राज्यीय ठग कंपनी का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

Sat, 12 Mar 2016 02:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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बदमाशों से बरामद सामान दिखाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम बृहस्पतिवार को ठगी के अंतर्राज्यीय अड्डे तक पहुंच गई। दो दिन पहले 17 लाख की ठगी में पकड़े गए दो नटवर लाल नोएडा में ठग कंपनी चला रहे थे। इस फर्जी कॉल सेंटर से फोन कर बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर शिकार बनाया जाता था। पुलिस ने यहां से तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए चार दर्जन से ज्यादा कंप्यूटर, सीपीयू, मोबाइल फोन बरामद किए हैं। 
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इंस्पेक्टर सरधना सुधीर कुमार ने बताया कि बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाने के नाम पर 17 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। जबकि तीन सदस्यों को क्राइम ब्रांच और पुलिस टीम ने नोएडा से गिरफ्तार किया। गिरोह ने नोएडा में शाइन डॉट कॉम नाम से कॉल सेंटर चला रखा था। जिसमें 29 युवक-युवती काम करते मिले। इन युवक-युवतियों  को उनके नाम पते की जानकारी करने के बाद नोटिस तामील कराकर छोड़ दिया गया। डीआईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने इस सफलता पर पुलिस और क्राइम ब्रांच टीम को 12 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है। 
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  ये हुए गिरफ्तार
1. अभिषेक पुत्र नरेंद्र निवासी कारीकान थाना धाता जिला फतेहपुर हाल निवासी इंद्रापुरम, गाजियाबाद
2. अभिषेक पुत्र धर्मेंद्र  मिश्रा, गांव महरसिया थाना रिंगा, जिला सीतामढ़ी बिहार 
3. शैलेंद्र पुत्र अमर सिंह, 29 एलआईजी, रामा सेंटर रोड थाना कल्याणपुर, जिला कानपुर नगर 
यह हुआ बरामद 
28 कंप्यूटर और सीपीयू
26 मोबाइल फोन
02 मोहर, 02 पासबुक, 14 चेकबुक
03 पैन कार्ड, 02 एलईडी, 19 एटीएम कार्ड
60 हजार रुपये 
  इंजीनियर बनकर अपनाया ठगी का धंधा  यह खुलासा क्राइम ब्रांच की साइबर सेल की टीम ने किया है। सेल के प्रभारी कर्मवीर सिंह के अनुसार इस गिरोह का सरगना अभिषेक सिंह निवासी फतेहपुर सीसीएसयू के सर छोटू राम इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर चुका है। इसके अलावा शैलेंद्र व अभिषेक भी बीटेक कर चुकेे हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद तीनों ने करोड़पति बनने के चक्कर में ठगी का धंधा अपना लिया। मुख्य अभियुक्त अभिषेक सिंह ने पुलिस को बताया कि अब तक वह 60 लाख रुपया तो अपने एटीएम से निकाल चुका है। सैकड़ों से ज्यादा लोगों से उसने अलग-अलग राज्यों में ठगी की है। 
  ऐसे हुई थी जांच शुरू
बीती दो मार्च को जयपुर निवासी कार्तिकेय ने एसएसपी मेरठ को शिकायती ई-मेल भेजा था। जिसमें कार्तिकेय ने बताया था कि शाइन डॉट कॉम के नाम से एचडीएफसी बैंक में जॉब दिलाने के नाम पर कॉल आई थी। जिसमें उससे इंटरव्यू व डॉक्यूमेंट्स की जांच के लिए एसबीआई दबथुवा के खाते में पैसे डलवाए गए।   जिसके बाद फोन पर ही इंटरव्यू और ई-मेल पर ज्वॉइनिंग लेटर देने के नाम पर फिर से 15 हजार रुपये मांगे गए। जिस पर इस गिरोह के फ्रॉड होने का शक हुआ तो आईटी एक्ट में केस दर्ज करते हुए गिरोह की तलाश में टीम लगाई थी।
  ऐसे पकड़े गए
10 मार्च को एसबीआई दबथुवा के खाताधारक शिव पुत्र सतेंद्र निवासी दबथुआ से पूछताछ की गई। जिसके बाद उसके साथी मनिंदर तोमर पुत्र चांदवीर निवासी रंछाड़ थाना बिनौली बागपत को गिरफ्तार किया गया। मनिंदर ने बताया कि उसके द्वारा खाता खुलवाकर एटीएम से 25 हजार रुपये निकालकर अभिषेक सिंह निवासी इंदिरापुरम गाजियाबाद को दिए गए थे। इसके बाद मनिंदर ने अपने पीएनबी साकेत के खाते से भी एटीएम से 25 हजार रुपये निकालकर अभिषेक सिंह को दिए थे। जिसके बाद क्राइम ब्रांच पड़ताल करती हुई नोएडा में अभिषेक सिंह के कॉल सेंटर तक पहुंच गई। 
  बैठा रखा था भेदिया
अभिषेक सिंह ने बताया कि वह अपने साथी अभिषेक और शैलेंद्र के साथ नोएडा में बिल्डिंग-242 में दयाल आईटी सोल्यूशन के नाम से कॉल सेंटर चला रहे थे। जिसमें तीनों युवक शाइन डॉट कॉम में काम करने वाले प्रवेश कुमार से बेरोजगार युवकों का डाटा प्राप्त करने के बाद उन बेरोजगार युवकों को कॉल सेंटर में काम करने वाले युवक व युवतियों से कॉल कराकर नौकरी देने के नाम पर बैंक के खातों में रुपये डलवाकर ठगी करते हैं। कॉल सेंटर में प्रत्येक युवक व युवती को 9 हजार रुपये प्रतिमाह देते थे। 
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