सहारनपुर के ग्राम उमाही में पुलिस की वर्दी पहने बदमाशों ने डकैती डालकर सनसनी फैला दी। वारदात में गेहूं की खरीद फरोख्त करने वाले ठेकेदार और उसके कर्मचारियों को निशाना बनाया गया। हथियारों से आतंकित करके बदमाश करीब नौ लाख रुपये ले गए। पुलिस ने जांच की, लेकिन वारदात के बाद पीड़ित ठेकेदार उसके साथी मजदूर मकान खाली करके चले गए। पुलिस का कहना है कि तहरीर नहीं मिली है, वारदात में जिस बदमाश का नाम बताया है, उसका ठेकेदार से पूर्व से लेन-देन का विवाद चल रहा है, जिससे मामला संदिग्ध है।
नागल थाना क्षेत्र के गांव उमाही मोड़ के निकट हाईवे पर उमाही निवासी हाजी आबिद के खेत हैं। जहां सड़क पर उसने ढाबा बना कर रुड़की निवासी इरफान को किराये पर दिया हुआ है। ढाबे के ऊपर दो कमरे बने हैं जो उसने बिजनौर निवासी एक ठेकेदार को किराए पर दे रखे हैं। इसमें ठेकेदार सहित उसके 19 मजदूर रह रहे थे। ढाबे के पीछे आम के बाग में आबिद का बेटा जाकिर मकान बना रहा है। उसने भी बिजनौर निवासी शराफत को मकान किराये पर दिया हुआ था। शराफत के साथ 22 लोग रह रहे थे। दोनों ठेकेदार क्षेत्र के किसानों से गेहूं खरीद कर मंडी में बेचने का कार्य करते हैं।
ढाबा मालिक इरफान ने बताया कि सोमवार तड़के करीब तीन बजे कार से छह लोग ढाबे पर आए। इनमें से दो लोग पुलिस की वर्दी में थे, जो पिस्टल भी लगाए थे। सभी ने ढाबे पर चाय पीने के बाद बाग में रह रहे ठेकेदार शराफत के लोगों पर धावा बोल दिया। आरोप है कि बदमाशों ने उनके पास से नौ लाख रुपये लूट लिए और विरोध करने पर पिटाई की। शोर मचाने पर बदमाश फरार हो गए। वारदात की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। वारदात के बाद सोमवार सुबह दोनों ठेकेदार अपने मजदूरों और सामान सहित यहां से कहीं चले गए।