देश का भविष्य कहे जाने वाला छात्र नशे की गिरफ्त में जा रहा है। अहम बात ये है कि यह नशा उन्हें स्कूल-कालेजों के पास खुलेआम उपलब्ध कराया जा रहा है। शहर के नामी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले ये युवा विद्यार्थी नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं। जबकि पुलिस-प्रशासन इससे अनजान बना हुआ है। ‘अमर उजाला’ ने शिक्षण संस्थानों के निकट चल रहे इस नशे के कारोबार पर स्टिंग किया तो सच सामने आ गया।
सीन 1 :
मवाना रोड स्थित इंचौली और गंगानगर थाना क्षेत्र में ड्रग माफियाओं का पूरा जाल फैला हुआ है। जेपी एकेडमी परिसर से सटी एक लाल रंग की बिल्डिंग, जिसमें दर्जनों कमरे बने हुए है, उस के गेट को लांघते हुए जब रिपोर्टर अंदर पहुंचा तो एक महिला नजर आयी। महिला से जैसे ही पूछा कि भाई साहब हैं क्या? तो महिला के जवाब देने से पहले ही एक युवक बाहर आया और बोला बताओ क्या चाहिए? रिपोर्टर ने कहा पुड़िया, इतना सुनते ही वह कमरे में गया और अखबार के कागज की एक पुड़िया ले आया और देते हुए बोला सौ रुपये।
जब पूछा कि इसमें क्या है तो वह बोला गांजा है, वही तो मांगा था। रिपोर्टर ने उसे सौ रुपये दिए और गांजे की पुड़िया ले ली। इसके बाद बातचीत में उसने बताया कि जहां रहते हुए वह यह काम कर रहा है। वह पहले हॉस्टल था। आसपास कई शिक्षण संस्थान हैं, जिनके छात्र उसी से गांजा लेते है। कुछ यहीं बैठकर उसे खत्म कर चले जाते हैं और कुछ अपने साथ ले जाकर अपने कमरे या हॉस्टल के कमरे में लेते हैं। यही नहीं कुछ चाय और पान के खोखों पर बैठकर सिगरेट में भरकर पीते हैं। जब उक्त युवक से पूछा गया कि यदि और कुछ चाहिए तो क्या मिलेगा? इस पर वह बोला कि चरस, अफीम, स्मैक जो भी चाहिए वह कुछ दूर जाकर नाला है, उसके पास से मिल जाएगी।
सीन 2 :
जब रिपोर्टर वहां से बाहर आया और नजर दौड़ाई तो उक्त युवक की बात सही निकली। बाहर चाय, पान सिगरेट के खोखो के पीछे और कॉलेज के गेट के पास छात्रों के वो ग्रुप भी कैमरे में कैद हो गए जो नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे थे ।
सीन 3 :
गांजा बेचने वाले के बताए ठिकाने पर पहुंचे तो तलाश करने पर एक व्यक्ति मिला। उससे जब बात की तो उसने बताया कि सुल्फा या चरस एक ही दाम है, उससे भी चरस और सुल्फे की एक-एक पुड़िया ली गयी और प्रति पुड़िया तीस रुपये दे दिये गए। रिपोर्टर ने उक्त व्यक्ति से कहा कि हमें स्मैक और हेरोइन चाहिए तो क्या मिल जायेगी? क्योंकि एक रेव पार्टी करनी है, जिसमें 15-20 लोग होंगे। इस पर उसने कहा कि सब कुछ मिल जाएगा, जितना चाहिए उतना मिल जायेगा। शाम को चार बजे के बाद आ जाना। अभी लड़कों के आने का टाइम है। इतना कह वह हट गया और तभी तीन चार और लोग आये, जिन्होंने इस व्यक्ति से पुड़िया ली और चलते बने।
सीन 4:
इस ठिकाने के पास ही टीन शेड डली छोटी सी दुकान के अंदर स्कूल-कॉलेज की ड्रेस में बैठे छात्र नशा करते मिले। उन्हें भी कैमरे में कैद कर लिया गया।
थाने के पास चल रहा कारोबार
जिस जगह उक्त युवक ने चरस और सुल्फा दिया, उससे मात्र 200-300 मीटर की दूरी पर ही गंगानगर थाना है। ऐसे में पुलिस की नाक के नीचे धड़ल्ले से यह कारोबार हो रहा है। लेकिन आज तक किसी ने इसे रोकने का प्रयास नहीं किया।
ड्रग्स स्कैंडल से नहीं लिया सबक
शहर में ड्रग्स स्कैंडल सामने आ चुका है। एक छात्रा से नशा देकर गैंगरेप को अंजाम देने का सनसनीखेज प्रकरण सुर्खियों में रह चुका है। पुलिस-प्रशासन ने इससे क्या सबक लिया, यह बताने के लिए काफी है कि अभी भी स्कूल-कॉलेजों के बाहर खुलेआम नशे का कारोबार चल रहा है।
कोट
यह बहुत ही गंभीर मामला है। इस मामले में एसएसपी के साथ शिक्षण संस्थानों के संचालकों को भी पत्र लिखा जायेगा। ऐसे संदिग्ध स्थानों पर लगातार दबिश देकर नशे का कारोबार बंद कराया जाएगा।- पंकज यादव, डीएम