स्क्रैप कारोबारी व जली कोठी व्यापार संघ के अध्यक्ष हाजी इरफान कुुरैशी ने फिरौती देकर अपना बेेटा अरसम सकुशल बरामद कर लिया। बदमाशों ने फिरौती के लिए बार बार कॉल की, लेकिन पुलिस उनकी लोकेशन तक पता नहीं कर सकी। इस मामले में मेरठ पुलिस फेल साबित हुई। पुलिस का दावा कि जिन बदमाशों ने छात्र अगवा कर फिरौती वसूली है, उसका पता लग चुका है। अपहरण में एक महिला समेत एक करीबी का हाथ है। ईद के बाद चौंकाने वाला खुलासा होगा।
देहलीगेट क्षेत्र के पटेलनगर निवासी स्क्रैप कारोबारी इरफान कुरैशी के बेटे अरसम का शुक्रवार शाम बदमाशों ने आबूलेन से अपहरण किया था। बदमाशों ने नौ बार इरफान और उसके बड़े बेटे सुहेब को कॉल कर दो करोड की फिरौती मांगी। फिरौती के पैसे कम कराने को लेकर दो दिन से बदमाश और इरफान की फोन पर बातचीत चल रही थी। पुलिस ने बदमाशों की कॉल सुनी, लेकिन उनका सुराग नहीं लगा सकी। पुलिस दावा करती रही कि बदमाश हर बार अलग नंबर और लोकेशन बदल बदलकर कॉल कर रहे है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शनिवार देर रात इरफान ने अपने बेटे को बचाने के लिए बदमाशों को 60 लाख रुपये की फिरौती की रकम दे दी। बदमाशों ने दोपहर को अरसम को भैसाली बस अड्डे पर छुड़वा दिया।
पापा पैसा दे दो, ये बहुत खतरनाक है
बदमाशों ने शनिवार सुबह अरसम की बात उसके पिता इरफान से कराई थी। अरसम ने अपने पिता से कहा था कि पापा यह लोग बहुत खतरनाक है। इनको पैसा दे दो, नहीं तो यह मुझको मार देंगे। उसके बाद बदमाशों ने दोपहर को इरफान से फिर फोन पर बात की। इरफान बार बार गिड़गिड़ाता रहा और फिरौती का पैसा कुछ कम करने को कहा। कम होते होते 60 लाख रुपये देने में बात बनी। पुलिस के मुताबिक इरफान ने शानिवार रात को बदमाशों के बताए ठिकाने पर पैसा भिजवा दिया। बदमाशों ने सुबह होते ही अरसम को छोड़ दिया।
बदमाशों की कॉल सुनती रही पुलिस
बदमाशों की पांच कॉल पुलिस ने सुनी। पुलिस बदमाशों के मोबाइल नंबर का पता लगाती रही और वह अपनी लोकेशन बदलते रहे। पुलिस का दावा है कि वह बदमाशों तक पहुंचने वाले थे, लेकिन उनको डर था कि बच्चे के साथ कोई अनहोनी न हो जाए। इसलिए फिरौती देने जा रहे इरफान को नहीं रोका। बदमाश पकड़े जायेंगे और उसका एक एक पैसा वापस हो जाएगा। हाजी इरफान ने बेटे की जान को जोखिम में डालने का रिस्क एक बार भी नहीं लिया। पुलिस बार बार उसको कहती रही कि टेंशन मत लो, वह छात्र को सकुशल बरामद कर लेगी। लेकिन इरफान को यकीन था कि बदमाशों की बात नहीं मानी तो वह उसके बेटे को मार सकते है। इसलिए इरफान ने बदमाशों से लगातार बात करते रहे। पिता ने अरसम को मुक्त कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पिता के प्रयास से ही अरसम बदमाशों की चुंगल से छुटकर आया है।
रुड़की और डासना में थी बदमाशों के ठिकाने
पुलिस सूत्रों की माने तो बदमाशों ने रुड़की और डासना गाजियाबाद में ठिकाना बनाया हुआ था। एक बार रुडकी से ओर दूसरी बार गाजियाबाद से कॉल बदमाशों की आती थी। छात्र को बदमाशों ने कहां बंधक बनाया हुआ था, इसकी जानकारी अभी तक नहीं लगी। लेकिन इतना जरूर है जहां से बदमाश काल कर रहे थे, छात्र को वहां से अलग स्थान पर बंधक बनाया हुआ था।
एक युवती और एक परिचित पर शक
अरसम के अपहरणकांड में मेरठ पुलिस की किरकिरी हुई है। पुलिस अभी बदमाशों की तलाश में जुटी है। सकुशल छात्र के लौटने के बाद पुलिस व एसटीएफ टीम ने कई जगहों पर दबिश दी। पुलिस ने लोकल बदमाशों पर अपहरण करने का अंदेशा जताया है। पुलिस कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर सलमान गैंग की तलाश में लगी है। पुलिस का दावा कि छात्र के अपहरण में एक युवती और एक करीबी भी है। जो अभी फरार है। पुलिस उनकी तलाश में लगी है। अरसम के अपहरण में युवती को मोहरा बनाकर पूरी वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस का कहना है कि ईद के बाद खुलासा किया जाएगा। यह खुलासा बड़ा ही चौंकाने वाला होगा।
इरफान के घर था पुलिस का डेरा
छात्र के अपहरण के बाद पुलिस ने इरफान के घर पर डेरा डाला हुआ था। पुलिस की एक टीम घर पर लगी थी और परिवार के लोगों के नंबरों को सुन रही थी। एसपी सिटी मानसिंह चौहान टीम के साथ रातभर जांच कर रहे थे। इसके बावजूद पुलिस बदमाशों तक नहीं पहुंची और बेबस पिता को फिरौती देकर अपना बेटा बदमाशों से मुक्त कराना पड़ा।
जियो नंबर बने पुलिस की मुसीबत
बदमाशों ने अधिकांश नंबर जियो के इस्तेमाल किए है। जियो के अलग अलग नंबरों से बदमाश कॉल करते थे, जिसमें पुलिस का सर्विलांस सिस्टम फेल हो जाता था। सर्विलांस एक्सपर्ट का कहना है कि जियो के नंबरों की लोकेशन सटीक नहीं मिलती। रविवार शाम जब अरसम अपने घर पहुंचा तब भी पुलिस टीम हरिद्वार में थी। अपहरणकर्ता पुलिस से तेज निकले। उनके साथी अलग अलग स्थानों से फोन कर पुलिस को दौड़ाते रहे और पीछे से उन्होंने अपना काम कर लिया।
रिश्तेदारों के जरिये बनाया दबाव
बदमाशों को जानकारी थी कि मामला पुलिस तक पहुंच गया है। पुलिस की टीमें उनके पीछे लगी है। बदमाशों ने शनिवार को अरसम से नंबर पूछकर उनके रिश्तेदारों को फोन किया और फिरौती जल्द पहुंचाने के लिए दबाव बनाया। रिश्तेदार इरफान से मिले, तब जाकर फिरौती की रकम बदमाशों तक पहुंची।
500 और 2000 हजार के नोट देना
बदमाशों ने 500 और 2000 हजार के नोट भेजने की बात इरफान से कही। उन्होंने एक बदमाश को मेरठ भेजा ओर कहा कि अगर उनको खरोच भी आई तो तुम्हारे बेटे के कई टुकड़े हो जायेंगे। पैसा पहुंचाने के बाद तीन घंटे बाद आपका बेटा पहुंच जाएगा। सुबह दस बजे तक अरसम को पहुंचने की बात बदमाशों ने कही थी। रात में पैसा बदमाशों पर पहुंचा और शाम तक बेटा घर पहुंच गया।
फिरौती नहीं दी, पुलिस के दबाव की वजह से छोड़ा बेटा :पिता
अरसम के पिता हाजी इरफान ने कहा कि उन्होंने किसी को कोई फिरौती नहीं दी। पुलिस के दबाव की वजह से ही अपहरर्णकर्ताओं ने उसे छोड़ा है। वह रविवार शाम साढे़ चार बजे खुद मोहन नगर से बस में बैठकर आ गया है।
एडीजी आनंद कुमार का कहना है कि छात्र सकुशल अपने घर लौट आया है। बदमाशों की तलाश जारी है और इस वारदात का पुलिस ईद के बाद खुलासा करेंगी। अभी छात्र कुछ ज्यादा बोलने की स्थिति में नहीं है।