बिलाल हत्याकांड में कार्रवाई की मांग को लेकर लोगों ने बुधवार को सोतीगंज में जमकर हंगामा किया। दिल्ली रोड पर जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान परिजनों ने पेट्रोल उडे़लकर आत्मदाह की कोशिश भी की। नौ जुलाई 2016 को सोतीगंज में बिलाल की गोली मारकर हत्या हुई थी। परिजनों ने गुदड़ी बाजार, कोतवाली के सलमान गैंग पर आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था।
सदर बाजार थाना पुलिस ने एक आरोपी को जेल भेज दिया, जबकि बाकी आरोपी पीड़ितों को जान से मारने की धमकी देकर समझौते का दबाव बना रहे हैं। मंगलवार शाम पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत थाना पुलिस से की थी। जिस पर कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार ने देर रात सोतीगंज में हंगामा किया था। जैसे तैसे कर पुलिस ने मामले को शांत किया। बुधवार सुबह पीड़ित परिवार और आसपास के लोगों की मीटिंग हुई। जिसके बाद दोपहर को पीड़ित परिवार ने दिल्ली रोड पर जाम लगा दिया।
क्यों गिरफ्तार नहीं हुए आरोपी
लोगोें ने दिल्ली रोड जाम कर हंगामा शुरू किया तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गुस्साए लोगों ने पुलिस से पूछा अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? क्या इस हंगामे का इंतजार कर रही थी पुलिस। विरोध करना, जाम लगाना या फिर पुलिस से धक्का मुक्की करने के बाद पीड़ितों को इंसाफ मिलता है।
पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास
पीड़ित परिवार के पास पेट्रोल से भरी बोतलें थी। परिवार ने पेट्रोल उड़ेलकर आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने जैसे तैसे कर पेट्रोल की बोतलें छीनी। इस दौरान लोगों की पुलिस से धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस ने कहा कि आत्मदाह करने से आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी। जिस पर लोगों ने कहा कि अगर बिलाल को इंसाफ नहीं दिला सकते तो जिंदा रहकर क्या करेंगे। काफी जद्दोजहद के बाद लोग माने।
पुलिस बैठी चुप, गैंग कर रहा वारदात
कोतवाली का सलमान गैंग शहर के कई जगहों पर बवाल के अलावा मारपीट और फायरिंग की वारदात को अंजाम दे चुका है। वारदात होती तो पुलिस सलमान गैंग को तलाश करने लगती, लेकिन कुछ दिनों बाद मामला शांत होते ही पुलिस भी आराम से बैठ जाती है। पिछले एक साल से सलमान ऐसे ही वारदात कर रहा है।
बिलाल की हत्या के तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोगों ने हंगामा किया। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिये लगातार प्रयास कर रही है। कई बार दबिश दी, लेकिन आरोपी नहीं मिले। -गजेंद्र पाल सिंह, इंस्पेक्टर, सदर बाजार थाना