चर्चित बिलाल हत्याकांड में सोमवार को न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट ने सात आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी नजाकत उर्फ पप्पू उर्फ तांत्रिक सितंबर 2015 से पुलिस कस्टडी से फरार चल रहा है।
28 नवंबर 2013 को ब्रह्मपुरी क्षेत्र के खत्ता रोड पर बनिया वाला खेत में बिलाल पुत्र फजल की हत्या कर दी गई थी। फजल ने नजाकत, खिलाफत, तरीकत, हनीस, अनीस, वसीम, हनीस, मेहराज, नदीम और आजाद समेत 11 लोगोें के खिलाफ केस दर्ज कराया था। समझौता न करने पर आरोपियों ने दो लोगों की हत्या कर दी थी। इस केस का मुख्य आरोपी नजाकत उर्फ पप्पू पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। बिलाल हत्याकांड के गवाहों को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थी। मामले की गंभीरता को देखते सुप्रीम कोर्ट ने जल्द तारीख लगाकर इस मुकदमे में निर्णय लेने का आदेश जारी किया था। सोमवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद तरीकत, अनीस, हनीफ, वसीम, नदीम, हसीन और मेहराज को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
17 गवाह पेश किए गए
न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी पंकज भारद्वाज और सीनियर अधिवक्ता अमित दीक्षित ने 17 गवाह पेश किए। न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को सजा सुनवाई। मुख्य आरोपी नजाकत और उसके भाई खिलाफत के खिलाफ अभी सुनवाई होनी बाकी है। नजाकत फरार है। जबकि खिलाफत को कुछ दिन पहले सदर बाजार पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
70 साल का बुजुर्ग भी शामिल
सीनियर अधिवक्ता अमित दीक्षित के मुताबिक बिलाल की हत्या आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ की थी। बिलाल को बुलाकर मारा गया। सभी आरोपियों के पास हथियार थे। समझौता न करने पर आरोपियों ने मर्डर किया। लेकिन पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए लड़ता रहा। उम्रकैद की सजा में 70 साल का बुजुर्ग तरीकत भी शामिल है। तरीकत पर अवैध हथियार रखने का आरोप सिद्ध हुआ है।