पिता की तेरहवीं करने पहुंचे दो भाई जमीन के बंटवारे को लेकर भिड़ गए। इस दौरान छोटे भाई ने पिता की लाइसेंसी बंदूक से बडे़ भाई को मार डाला। वहीं पुलिस से बचने को भाई परतापुर में मृतक के घर उसका शव लेकर पहुंच गया। उसकी पत्नी को बताया कि दुर्घटना में मौत हुई है, लेकिन पत्नी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने पूछताछ की तो पूरा मामला खुल गया। पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
एटा जिले के कासगंज थाना क्षेत्र के मानसी नांगल निवासी सावित्री देवी के पति की मौत कई साल पहले हो गई थी। बाद में सावित्री ने अलीगंज के श्यामपाल से दूसरी शादी कर ली। सावित्री के चार बेटे विनोद, राजू, इंद्रपाल और धर्मपाल हैं। इंद्रपाल कई साल पहले परतापुर थाना क्षेत्र के शताब्दी नगर और विनोद टीपी नगर में आकर रहने लगे।
पुलिस के अनुसार 25 जून को कासगंज में श्यामपाल की मौत हो गई। 12 जुलाई को उसकी तेरहवीं थी। उसके लिए उसके बेटे धर्मपाल और विनोद भी मेरठ से कासगंज गए हुए थे। वहां राजू और धर्मपाल भी थे। नौ जुलाई को धर्मपाल और इंद्रपाल के बीच पिता की जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। इंस्पेक्टर परतापुर दीपक शर्मा के अनुसार दोनों में विवाद इतना बढ़ गया कि छोटे भाई धर्मपाल ने इंद्रपाल को गोली मार दी। अस्पताल में सोमवार शाम उसकी मौत हो गई।