बसपा प्रत्याशी मोहम्मद आरिफ जौला को बरामद करने में पुलिस के आला अफसरों को पसीने छूटने लगे हैं। चौथे दिन भी ऐसा कोई सुराग नहीं मिला, जिसके दम पर पुलिस आरिफ तक पहुंचने की कोशिश करे। पुलिस के प्रति पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। अफवाहों के बीच पुलिस दिन भर पीड़ित परिवार के साथ जंगल में कांबिंग करने में लगी रही।
कंकरखेड़ा बाईपास स्थित डाबका गांव के पास विगत मंगलवार बसपा प्रत्याशी आरिफ का अपहरण हुआ था। आरिफ की स्कॉर्पियो गाड़ी लावारिस हालत में मिली थी। उसी दौरान से आरिफ के समर्थक, परिजन और ग्रामीण कंकरखेड़ा थाने में डेरा डाले हुए हैं। रोजाना हाईवे के आसपास के गांवों और खेतों को खंगालना और भीड़ का थाना कंकरखेड़ा पहुंचना जारी है। लेकिन आरिफ का कोई भी सुराग नहीं लगा है।
पुलिस राजनीतिक लोगों के अलावा आरिफ के कारोबार से जुड़े लोगों से कई पूछताछ कर चुकी है। इससे अलग तमाम बिंदुओं को खंगाल रही है। लेकिन कोई ऐसी कड़ी नहीं जुड़ रही, जिसके बल पर आगे बढ़ा जाए। तमाम लाइनें आगे बढ़ने से पहले ही टूट रही हैं। यह बात अलग है कि पुलिस दावा कर रही है कि कुछ क्लू मिला है, जिस पर जांच चल रही है। पुलिस अभी तक यह साफ नहीं कर पाई है कि अपहरण के पीछे किसकी क्या साजिश हो सकती है।
कौन उड़ा रहा अफवाह
शुक्रवार को दिन भर कंकरखेड़ा इलाके में शव मिलने की अफवाहें उड़ती रहीं। जिस पर पुलिस और ग्रामीण दौड़ते और जंगल खंगालना शुरू कर देते। पुलिस यह भी पता नहीं लगा पा रही है कि ऐसी अफवाहें कौन फैला रहा। ताकि ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो सके। माना जा रहा है कि किसी साजिश के तहत ही अफवाहें उड़ाकर पुलिस और ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है। ताकि पुलिस जांच में भटकती रहे।
आईजी भी दो बार पहुंचे
आईजी जोन सुजीत पांडेय कंकरखेड़ा इलाके में दो बार पहुंचे। परिजनों व ग्रामीणों से बातचीत की। कांबिंग में लगी पुलिस टीम से अपडेट लिया। एसपी सिटी दिन भर ग्रामीणों के साथ जंगल खंगाल रहे हैं। पुलिस की टीमें अलग-अलग लगी हैं। लेकिन कहीं से भी कोई रिजल्ट नहीं मिल रहा। पुलिस अफसरों का कहना है कि हर संभव कोशिश की जा रही है। लेकिन कोई सफलता नहीं मिल रही।